प्रयागराज में आधुनिक ट्रैक्शन कंट्रोल सेंटर का उद्घाटन, साइबर सुरक्षा और रेल संचालन होंगे और मजबूत

प्रयागराज मंडल में आधुनिक विद्युत कर्षण नियंत्रण केंद्र का उद्घाटन, साइबर सुरक्षा और रेल संचालन को मिलेगा नया बल

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे ने आधुनिक तकनीक और सुरक्षित रेल संचालन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए प्रयागराज मंडल कार्यालय में अत्याधुनिक विद्युत कर्षण नियंत्रण केंद्र (ट्रैक्शन रिमोट कंट्रोल सेंटर) की शुरुआत की है। शनिवार को उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने इस केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रयागराज मंडल के मंडल रेल प्रबंध रजनीश अग्रवाल सहित मुख्यालय और मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उद्घाटन समारोह की विशेष बात यह रही कि महाप्रबंधक ने टीआरडी विभाग में कार्यरत वरिष्ठ तकनीशियन ओम प्रकाश से फीता कटवाकर केंद्र का उद्घाटन कराया।ओम प्रकाश दिसंबर 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। रेलवे प्रशासन के इस कदम को कर्मचारियों के योगदान के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

नवस्थापित नियंत्रण केंद्र अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है, जिसके माध्यम से विद्युत कर्षण प्रणाली की निगरानी, नियंत्रण और संचालन को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और दक्ष बनाया जा सकेगा। यह केंद्र रेल परिचालन की विश्वसनीयता बढ़ाने के साथ-साथ साइबर सुरक्षा, ऊर्जा प्रबंधन और विद्युत आपूर्ति प्रणाली की सतत निगरानी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उद्घाटन के बाद महाप्रबंधक ने नियंत्रण केंद्र का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुविधा उत्तर मध्य रेलवे के सुरक्षित और आधुनिक रेल संचालन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है, जो भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे अवसंरचना को और मजबूत बनाएगी।

इस दौरान वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (टीआरडी)वीरेन्द्र वर्मा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से केंद्र की कार्यप्रणाली और साइबर सुरक्षा तंत्र की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रयागराज स्थित इस नियंत्रण केंद्र को RDSO SPEC-130 प्रणाली से उन्नत कर RDSO SPEC-134 प्रणाली में परिवर्तित किया गया है। नई तकनीक के कारण डेटा एक्सेस की गति बढ़ेगी तथा नेटवर्क मैनेजमेंट सिस्टम (NMS) में किसी प्रकार की बाधा आने पर भी सटीक और त्वरित जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नई प्रणाली से दोष निवारण, तकनीकी विश्लेषण, प्रणाली सुधार और रेल परिचालन की दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही साइबर सुरक्षा के उन्नत प्रावधान रेल संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा को सुरक्षित रखने में मदद करेंगे।