सीनियर डीसीएम उचित सिंघल की पहल से चेरी ने छोड़ा जाम का झंझट, रेल बनी पहली पसंद

रेल सेवा से चेरी कारोबार को मिली नई उड़ान, 43 टन ताज़ा चेरी पहुंची देशभर के बाजारों तक

जम्मू-कश्मीर के बागवानों और फल व्यापारियों के लिए भारतीय रेल एक बार फिर भरोसेमंद और तेज परिवहन व्यवस्था के रूप में उभरकर सामने आई है। चेरी सीजन के दौरान अब तक लगभग 43 टन ताज़ा चेरी रेल मार्ग के जरिए देश के विभिन्न प्रमुख शहरों और मंडियों तक सुरक्षित पहुंचाई जा चुकी है। इससे न केवल व्यापारियों को राहत मिली है, बल्कि किसानों और बागवानों को भी अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है।भारतीय रेलवे द्वारा ट्रेन संख्या 12472/12474/12476, 12920 और 19028 में एसएलआर तथा पार्सल वेन की सुविधा के माध्यम से चेरी की खेप सूरत, बांद्रा, भोपाल और छायापुरी (वडोदरा) जैसे प्रमुख स्टेशनों तक भेजी गई। तेज परिवहन व्यवस्था के कारण चेरी की गुणवत्ता बरकरार रही और फल समय पर बाजारों तक पहुंचे।रेल सेवा का सबसे बड़ा लाभ जम्मू-कश्मीर के बागवानों को मिल रहा है। अब वे सड़क परिवहन की अनिश्चितताओं और देरी से बचते हुए सीधे देश की बड़ी मंडियों तक अपना उत्पाद पहुंचा पा रहे हैं। वहीं छोटे और बड़े सभी व्यापारी एसएलआर और वीपी सुविधा के जरिए अपनी आवश्यकता के अनुसार आसानी से बुकिंग करा रहे हैं।रेलवे को भी यात्री ट्रेनों में उपलब्ध पार्सल स्पेस के बेहतर उपयोग से अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो रहा है। साथ ही कृषि और बागवानी उत्पादों के विपणन को नई गति मिल रही है।इस संबंध में जानकारी देते हुए उचित सिंघल ने कहा कि रेलवे किसान समुदाय को कुशल, सुरक्षित और किफायती लॉजिस्टिक्स सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि एसएलआर और वीपी के माध्यम से 43 टन चेरी का सफल प्रेषण रेल सेवा पर व्यापारियों और फल उत्पादकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। रेलवे की टीमें प्राथमिकता के आधार पर लोडिंग, सुरक्षित हैंडलिंग और समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित कर रही हैं ताकि खराब होने वाले फल उपभोक्ताओं तक ताज़ा अवस्था में पहुंच सकें। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में सेब और अन्य फलों के परिवहन के लिए भी इसी प्रकार की सुविधाएं जारी रहेंगी।रेलवे प्रशासन ने सभी व्यापारियों, किसानों और हितधारकों से रेल पार्सल सेवा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है, ताकि जम्मू-कश्मीर के उत्कृष्ट फलों को देशभर के बाजारों तक तेज़ी और सुरक्षित तरीके से पहुंचाया जा सके।