जम्मू मंडल की बड़ी कामयाबी: कठुआ-माधोपुर रेल पुल पहले से ज्यादा मजबूत, जून से दौड़ेंगी सभी ट्रेनें

जम्मू मंडल की बड़ी उपलब्धि: कठुआ-माधोपुर रेल पुल हुआ मजबूत, जून से दोनों ट्रैक पर दौड़ेंगी ट्रेनें

जम्मू। भारतीय रेलवे ने जम्मू-कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कठुआ-माधोपुर रेलखंड पर स्थित रेलवे पुल संख्या-17 का जीर्णोद्धार कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और आगामी 31 मई 2026 को इंटरलॉकिंग कार्य पूरा होने के बाद जून माह से इस खंड पर अप एवं डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से शुरू कर दिया जाएगा।पुल के मरम्मत कार्य के दौरान अब तक केवल अप लाइन पर ही रेल यातायात संचालित किया जा रहा था, लेकिन अब डाउन लाइन भी पूरी तरह तैयार हो चुकी है। दोनों ट्रैक शुरू होने से रेल संचालन अधिक सुगम, सुरक्षित और तेज हो जाएगा, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कार्य कई तकनीकी चुनौतियों के बीच पूरा किया गया। जम्मू मंडल के सीनियर डीईएन शुभम पवार ने दिन-रात मौके पर रहकर कार्यों की निगरानी की। आंधी, बारिश और तूफान जैसी कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने कर्मचारियों के साथ खड़े होकर कार्य को गति दी और पुल को पहले से अधिक मजबूत एवं सुरक्षित बनाया।इस ट्रैक बहाली का सबसे बड़ा लाभ जम्मू, कटड़ा और माता वैष्णो देवी जाने वाले लाखों यात्रियों को मिलेगा। साथ ही मालगाड़ियों की आवाजाही, व्यापारिक गतिविधियों और सैन्य रसद परिवहन को भी नई गति मिलेगी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि दोनों ट्रैक शुरू होने के बाद सभी ट्रेनें अपने निर्धारित समय, मार्ग और ठहराव के अनुसार संचालित होंगी।जून माह से जिन प्रमुख ट्रेनों का संचालन फिर से बहाल किया जा रहा है, उनमें ट्रेन संख्या 12549-12550, 19415-19416, 20847-20848, 20985-20986, 22941-22942, 12207-12208, 14611, 19107-19108 तथा 22705-22706 सहित अन्य ट्रेनें शामिल हैं।रेलवे प्रशासन ने इस अवधि के दौरान यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए उनके धैर्य और सहयोग के लिए आभार जताया है। यात्रियों से यात्रा से पूर्व एनटीईएस, 139 अथवा रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर ट्रेन की अद्यतन स्थिति जांचने की अपील की गई है।जम्मू मंडल की यह उपलब्धि न केवल रेलवे इंजीनियरिंग की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि समर्पण और बेहतर नेतृत्व के दम पर कठिन से कठिन चुनौतियों को भी सफलता में बदला जा सकता है।