तहसील मुख्यालय पर किसानों का प्रदर्शन, भूमि विवाद व सिंचाई समस्या को लेकर सौंपा ज्ञापन

तहसील मुख्यालय पर किसानों का प्रदर्शन, भूमि विवाद व सिंचाई समस्या को लेकर सौंपा ज्ञापन

चकिया। चकिया तहसील मुख्यालय पर ग्राम खरौजा सहित आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश किसान सभा के बैनर तले प्रदर्शन कर अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आबादी भूमि पर गरीब परिवारों को बेदखल करने के प्रयास, पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच तथा सिंचाई व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि ग्राम खरौजा में आबादी की भूमि पर वर्षों से निवास कर रहे गरीब परिवारों को बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि भूमिहीन एवं गरीब लोगों के अधिकारों की रक्षा की जाए तथा किसी भी प्रकार का जबरन अतिक्रमण या कब्जा न होने दिया जाए।

ग्रामीणों ने थाना इलिया पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एक पक्षीय कार्रवाई कर कुछ लोगों का चालान किया गया है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा।

इसके अलावा रामशाला और खोजापुर क्षेत्र के ग्रामीणों ने दिलावर बंधी में पानी निकासी की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि कुलवा के पास पानी निकासी के लिए लगाए गए दो कंक्रीट पत्थरों में से एक सप्ताह से लगातार पानी अनावश्यक रूप से बह रहा है, जिससे खरीफ सीजन की नर्सरी, सिंचाई और रोपाई कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों ने तत्काल मरम्मत कर समस्या का समाधान कराने की मांग की।

प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों का जुलूस सिंचाई विभाग कार्यालय पहुंचा, जहां अधिकारियों को भी मांग पत्र सौंपा गया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन में किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष शंभूनाथ सिंह, जिला मंत्री लालचंद एडवोकेट, रामनिवास पांडेय, नंदलाल, रामलाल जी, मास्टर जयनाथ सहित अनेक किसान नेता उपस्थित रहे।

वहीं ग्रामीणों में मदन, मुरारी, प्रवासी, मटरू, रामचंद्र, रंजीत, रामसुधार, रघुनाथ, रामविलास समेत सैकड़ों किसान और मजदूर शामिल रहे।

किसान नेताओं ने प्रशासन से गरीबों के उत्पीड़न पर रोक लगाने, किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने तथा न्यायपूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।