महादेवपुर कला में मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप,फर्जी मस्टरोल और ऑनलाइन हाजिरी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश,अधिकारियों पर संरक्षण देने का आरोप

महादेवपुर कला में मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप,फर्जी मस्टरोल और ऑनलाइन हाजिरी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश,अधिकारियों पर संरक्षण देने का आरोप


चकिया। चकिया ब्लॉक के महादेवपुर कला ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मनरेगा कार्यों में फर्जी सॉफ्टवेयर के माध्यम से मस्टरोल भरकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।


ग्रामीणों के अनुसार सरकारी अभिलेखों और ऑनलाइन मस्टरोल में 78 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज दिखाई जा रही है, जबकि मौके पर केवल गिनती के कुछ मजदूर ही कार्य करते नजर आए। लोगों का आरोप है कि वास्तविक मजदूरों की संख्या कम होने के बावजूद कागजों पर अधिक श्रमिक दिखाकर लाखों रुपये के भुगतान की तैयारी की जा रही है।


एक महिला के फोटो से कई मजदूरों की हाजिरी का आरोप


ऑनलाइन मस्टरोल में तकनीकी हेराफेरी की आशंका
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मनरेगा पोर्टल पर फर्जी तरीके से हाजिरी भरी जा रही है। लोगों का कहना है कि ?5 मजदूरों की जगह केवल एक महिला का फोटो अपलोड कर उपस्थिति दर्ज? की गई है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि फर्जी सॉफ्टवेयर और तकनीकी हेराफेरी के जरिए ऑनलाइन मस्टरोल तैयार किया जा रहा है।


ग्रामीणों का कहना है कि यदि कार्यस्थल पर अचानक निरीक्षण किया जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मजदूरों की वास्तविक संख्या और पोर्टल पर दर्ज संख्या में भारी अंतर है।


अधिकारियों पर संरक्षण देने का आरोप


बीडीओ, एपीओ मनरेगा और जेई की भूमिका पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में बीडीओ विकास सिंह, एपीओ मनरेगा रंजीत कुमार सिंह तथा संबंधित जेई की भूमिका संदिग्ध है। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।


स्थानीय ग्रामीण रामविलास, सुनीता देवी, लालबहादुर और शिवप्रसाद ने बताया कि मनरेगा गरीब मजदूरों के रोजगार की योजना है, लेकिन महादेवपुर कला में इसे भ्रष्टाचार का जरिया बना दिया गया है।


निष्पक्ष जांच की मांग


ग्रामीण बोले- ?सिर्फ आश्वासन नहीं, अब कार्रवाई चाहिए?
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और मुख्य विकास अधिकारी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा मनरेगा कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।