तहसील कार्यालय में संलग्नीकरण को लेकर घमासान, पूर्व कर्मचारियों की वापसी की कोशिश पर उठे सवाल

बैकुंठपुर। कोरिया जिले के तहसील कार्यालयों में संलग्नीकरण को लेकर अंदरूनी खींचतान तेज होती दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार शासन की महत्त्वाकांक्षी योजना ?सुशासन त्योहार 2026? के तहत राजस्व विभाग पर बड़ी जिम्मेदारी है और समय सीमा के भीतर अधिक से अधिक आवेदनों के निराकरण का दबाव बना हुआ है। ऐसे समय में बैकुंठपुर तहसील कार्यालय में कर्मचारियों की वापसी और संलग्नीकरण को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। जानकारी के मुताबिक पूर्व में कोरिया कलेक्टर द्वारा कुछ कर्मचारियों का तबादला अन्यत्र किया गया था, लेकिन अब वही कर्मचारी पुनः बैकुंठपुर तहसील कार्यालय में वापसी की कोशिश में जुटे हुए हैं। सूत्रों का दावा है कि वर्तमान व्यवस्था में भू-माफियाओं की गतिविधियों पर अंकुश लगा है तथा आम जनता के कार्य अपेक्षाकृत सरलता और पारदर्शिता के साथ किए जा रहे हैं, जिससे कुछ पूर्व कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि पहले तहसील कार्यालय में सीधे और सामान्य कार्यों को भी विवादित बनाकर कमीशनखोरी और अन्य लाभ लेने की शिकायतें सामने आती रही हैं। भूमि प्लाटिंग और अन्य माध्यमों से अतिरिक्त आय अर्जित करने के आरोप भी चर्चा में रहे हैं। वहीं वर्तमान में जनगणना, निर्वाचन, प्रोटोकॉल और राजस्व संबंधी कार्य कर्मचारियों के समन्वय से बिना विवाद के संपन्न कराए जा रहे हैं।सूत्रों का यह भी कहना है कि अन्य विभागों से तहसील कार्यालय में संलग्न कुछ कर्मचारियों पर गलत कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा है तथा हटाने की धमकी तक दी जा रही है। ऐसे में संलग्नीकरण को लेकर चल रहा विवाद अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बीच यह मांग उठ रही है कि जिला प्रशासन पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए उन पूर्व तहसील कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराए, जिनकी पदस्थापना अन्यत्र होने के बावजूद उनका पूरा ध्यान तहसील कार्यालय की गतिविधियों पर केंद्रित रहता है। लोगों का कहना है कि यदि जांच होती है तो कई राज सामने आ सकते है वही बड़े घोटाले का खुलासा भी हो सकता है।