सहसवान की बेटी ने बढ़ाया जनपद का मान, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में हासिल की द्वितीय रैंक

मोहम्मद तारिक

जिला संवाददाता बदायूं

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सहसवान की बेटी ने बढ़ाया जनपद का मान, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में हासिल की द्वितीय रैंक

सहसवान। बदायूं जनपद की होनहार बेटी डॉ. प्रियांशी बुलबुल ने उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में आयुर्वेदाचार्य (BAMS) परीक्षा में द्वितीय रैंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे सहसवान और बदायूं जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

देहरादून स्थित देवभूमि मेडिकल कॉलेज ऑफ आयुर्वेद एंड हॉस्पिटल की छात्रा प्रियांशी बुलबुल ने कठिन परिश्रम, लगन और प्रतिभा के बल पर यह मुकाम हासिल किया। वह सहसवान के प्रसिद्ध व्यवसायी भुवनेश माहेश्वरी एवं राजकीय महाविद्यालय सहसवान में हिन्दी विभागाध्यक्ष एवं सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी की सुपुत्री हैं।

प्रियांशी बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने इंटरमीडिएट की शिक्षा फ्लोरेंस नाइटिंगेल स्कूल बदायूं से प्राप्त की, जहां वह टॉपर रहीं। इसके बाद बीएससी में भी डीपी कॉलेज में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। शिक्षा के साथ-साथ वह एक कुशल चित्रकार और कवयित्री भी हैं। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें दो बार पर्यावरण मंत्री द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

अपनी सफलता का श्रेय देते हुए डॉ. प्रियांशी बुलबुल ने कहा कि यह उपलब्धि उनके माता-पिता, भाई देवांश माहेश्वरी, परिवारजनों, शिक्षकों और मित्रों के सहयोग एवं आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने विशेष रूप से अपनी सहेली बिहार निवासी शालिनी वर्मा का उल्लेख किया, जिन्होंने विश्वविद्यालय की टॉप-10 सूची में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। साथ ही देवभूमि मेडिकल कॉलेज की शिक्षिका मेघा मैम एवं अन्य शिक्षकों के मार्गदर्शन को भी अपनी सफलता में अहम बताया।

डॉ. प्रियांशी ने कहा कि उनका उद्देश्य अपने क्षेत्र में रहकर लोगों की सेवा करना और आयुर्वेद चिकित्सा के माध्यम से समाज को बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करना है।

वहीं बेटी की सफलता पर भावुक होते हुए मां डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी एवं पिता भुवनेश माहेश्वरी ने कहा कि ?आज हमारा मस्तक गर्व से ऊंचा हो गया है। बचपन से देखा गया सपना आज पूरा हुआ और हमारी बिटिया अब डॉ. प्रियांशी बुलबुल बन गई है। केवल कॉलेज ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड में टॉपर बनकर उसने परिवार और जनपद को गौरवान्वित किया है। यह आप सभी के स्नेह, आशीर्वाद और प्रोत्साहन का प्रतिफल है।?

प्रियांशी बुलबुल की इस उपलब्धि पर नगरवासियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।