प्रयागराज में उत्तर मध्य रेलवे की 10वीं जेडआरयूसीसी की द्वितीय बैठक संपन्न, यात्री सुविधाओं पर हुई व्यापक चर्चा

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे द्वारा प्रयागराज में 10वीं क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्श समिति (जेडआरयूसीसी) की द्वितीय बैठक का गरिमामय आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में रेल सेवाओं, यात्री सुविधाओं तथा आधारभूत संरचना के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और रेलवे विकास कार्यों को गति देने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं समिति सदस्यों के सुझाव प्राप्त करना रहा।बैठक में मुख्य रूप से राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, लोकसभा सांसद (भिंड-दतिया) संध्या राय, विधायक (राठ) मनीषा अनुरागी सहित समिति के अन्य सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे।बैठक को संबोधित करते हुए उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने सभी सांसदों, विधायक एवं सदस्यों का स्वागत किया और रेलवे को देश की ?लाइफ लाइन? बताते हुए कहा कि उत्तर मध्य रेलवे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के महत्वपूर्ण हिस्सों को जोड़कर देश की अर्थव्यवस्था और जनजीवन में अहम भूमिका निभा रहा है।महाप्रबंधक ने वित्त वर्ष 2025-26 में उत्तर मध्य रेलवे द्वारा किए गए प्रमुख कार्यों एवं उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस अवधि में रेलवे द्वारा लगभग 15.51 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान की गई, जो निर्धारित लक्ष्य से 2.8 प्रतिशत अधिक है। वहीं माल लदान में 20.97 मिलियन टन का स्तर हासिल कर करीब 2292 करोड़ रुपये की आय प्राप्त की गई।महाप्रबंधक ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा कुल 16075 विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया तथा ट्रेनों में 899 अतिरिक्त कोच लगाए गए। इसके साथ ही उत्तर मध्य रेलवे द्वारा 03 जोड़ी नई ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया, जिसमें प्रयागराज-दादरी ट्रेन विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिससे नोएडा एनसीआर और जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र के यात्रियों को बड़ा लाभ मिला। इसके अलावा 24 ट्रेनों की गति बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटा की गई है।बैठक में आधारभूत संरचना एवं सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। महाप्रबंधक ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे क्षेत्र में 96 किलोमीटर नई रेलवे लाइन बिछाई गई और 27 किलोमीटर गेज परिवर्तन का कार्य पूरा किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए प्रयागराज-कानपुर खंड के 190 किलोमीटर क्षेत्र में आधुनिक ?कवच? ट्रेन टक्कर रोधी उपकरण की कमीशनिंग की गई है। साथ ही कानपुर एवं झांसी शेड के 96 लोकोमोटिव में कवच प्रणाली को लगाया जा चुका है।महाप्रबंधक ने बताया कि रेलवे द्वारा यात्री सुविधाओं के तहत 08 प्रमुख स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य किया जा रहा है। वहीं अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत कुल 46 स्टेशनों में से 17 स्टेशनों का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए 192 स्टेशनों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं और 250 से अधिक दिव्यांगजनों को रोजगार भी दिया गया है। महिलाओं की सुविधा के लिए स्टेशनों पर शिशु स्तनपान कक्ष तथा रेल मदद के माध्यम से सहायता व्यवस्था को मजबूत किया गया है।महाप्रबंधक ने बताया कि यात्री सुरक्षा के क्षेत्र में आरपीएफ द्वारा ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत 452 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के तहत 942 लावारिस बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों अथवा एनजीओ को सुपुर्द किया गया।एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा के दौरान सांसदों एवं विधायक ने अपने-अपने क्षेत्रों की रेल सुविधाओं में सुधार हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। सांसद सीमा द्विवेदी ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, प्रमुख ट्रेनों के ठहराव बढ़ाने, स्टेशनों के सुंदरीकरण और पहुंच मार्गों को बेहतर बनाने की मांग रखी। सांसद संध्या राय ने फुट ओवर ब्रिज, शेल्टर विस्तार और नई ट्रेनों के संचालन अथवा विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं विधायक मनीषा अनुरागी ने बुंदेलखंड क्षेत्र में ट्रेनों की गति सीमा बढ़ाने, पेयजल व शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने तथा रेल कनेक्टिविटी से जुड़ी मांगों को प्रमुखता से उठाया।बैठक की शुरुआत में उप महाप्रबंधक (सामान्य) एवं सचिव (जेडआरयूसीसी) अतुल कुमार मिश्रा ने महाप्रबंधक, सांसदों, विधायक एवं सभी सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने समिति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस समिति का उद्देश्य जनता की जरूरतों के अनुरूप रेल सुविधाओं को बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि 10वीं जेडआरयूसीसी में कुल 52 सदस्य नामित हैं, जो समय-समय पर पत्र, मेल और व्हाट्सएप के माध्यम से जनता की आकांक्षाओं को रेल प्रशासन तक पहुंचाते रहते हैं।महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने सभी सदस्यों को आश्वस्त किया कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। जो प्रस्ताव रेलवे के अधिकार क्षेत्र में होंगे, उन्हें विकास योजनाओं में शामिल किया जाएगा और अन्य विषयों को रेलवे बोर्ड या संबंधित जोनों को भेजा जाएगा।बैठक के अंत में प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया और सौहार्दपूर्ण वातावरण में बैठक संपन्न हुई।