भोका बंधी के जर्जर गेटों को लेकर किसानों में आक्रोश, किसान विकास मंच ने किया निरीक्षण, अधूरी मरम्मत पर जताई नाराजगी

भोका बंधी के जर्जर गेटों को लेकर किसानों में आक्रोश, किसान विकास मंच ने किया निरीक्षण, अधूरी मरम्मत पर जताई नाराजगी

शिकारगंज/चंदौली। शिकारगंज क्षेत्र स्थित भोका बंधी के जर्जर गेटों और खराब संरचना को लेकर किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में Kisan Vikas Manch के कार्यकर्ताओं ने भोका बंधी पहुंचकर गेटों और अंदरूनी संरचना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बंधी की स्थिति काफी खराब पाई गई, जिससे क्षेत्रीय किसानों में नाराजगी बढ़ गई है।

किसान विकास मंच के नेताओं ने बताया कि भोका बंधी के गेटों का निर्माण वर्ष 1954 में किया गया था। दशकों पुरानी यह संरचना अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। कार्यकर्ताओं ने बंधी के अंदर जाकर निरीक्षण किया तो दीवारों में दरारें और क्षतिग्रस्त हिस्से दिखाई दिए।

चारों गेटों की हालत खराब

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बंधी के चारों गेटों के पटरे खराब स्थिति में हैं। कई स्थानों पर लोहे के हिस्से जंग खाकर कमजोर हो चुके हैं। किसानों का कहना है कि समय रहते स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है।

किसान विकास मंच के नेता Saroj Kumar Yadav ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार बंधी डिवीजन के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।

उन्होंने कहा,

?पिछले वर्ष भी आधी-अधूरी मरम्मत कराकर खानापूर्ति की गई थी। उसका कोई लाभ किसानों को नहीं मिला और बराबर पानी बहता रहा।?

धान की रोपाई पर संकट

किसानों का आरोप है कि इस बार गेटों की मरम्मत के नाम पर बंधी का पानी बहा दिया गया है, जिससे क्षेत्र में धान की रोपाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

सरोज कुमार यादव ने कहा कि यदि समय पर पानी उपलब्ध नहीं हुआ तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग स्थायी समाधान के बजाय केवल अस्थायी मरम्मत कर समस्या को टालने का प्रयास कर रहा है।

गेट नंबर तीन को लेकर सबसे ज्यादा शिकायत

किसानों के अनुसार बंधी का गेट नंबर तीन पूरी तरह बंद नहीं होता, जिसके कारण लगातार पानी का रिसाव बना रहता है।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष भी इसी समस्या के चलते धान की कटाई और गेहूं की बुआई प्रभावित हुई थी। खेतों में पानी भर जाने के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।

एक किसान ने बताया,

?गेट बंद न होने से खेतों में समय पर पानी नियंत्रण नहीं हो पाता। इससे खेती पूरी तरह प्रभावित होती है।?

?सिर्फ रिपेयरिंग नहीं, पूरी संरचना बदले विभाग?

किसान विकास मंच ने बंधी डिवीजन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्थायी समाधान की मांग की है।

सरोज कुमार यादव ने कहा कि केवल दीवारों की रिपेयरिंग से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि?

बंधी की खुदाई कराई जाए।

नई जोड़ाई कराई जाए।

पुराने गेट हटाकर नए चैनल गेट लगाए जाएं।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फिर से आधी-अधूरी मरम्मत कर खानापूर्ति की गई तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

अधिकारियों का बयान

बंधी डिवीजन के सहायक अभियंता ने किसानों को आश्वासन दिया है कि दीवारों की मरम्मत कराई जाएगी और गेटों की स्थिति सुधारने का प्रयास किया जाएगा।

हालांकि किसानों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर स्थायी कार्य चाहिए।

कलेक्ट्रेट पर आंदोलन की चेतावनी

किसान विकास मंच ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो किसान जिलाधिकारी के समक्ष कलेक्ट्रेट में बंधी डिवीजन के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।

किसानों का कहना है कि सिंचाई व्यवस्था खराब होने का सीधा असर खेती और किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। ऐसे में विभाग की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण में शामिल रहे किसान नेता

भोका बंधी के निरीक्षण के दौरान किसान विकास मंच के नेता सरोज कुमार यादव के साथ सुनील पटेल, प्रदीप सिंह, प्रवीण यादव, अरविंद यादव सहित कई किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

किसानों की निगाहें अब प्रशासन पर

भोका बंधी की जर्जर स्थिति और किसानों की चेतावनी के बाद अब क्षेत्रीय लोगों की निगाहें प्रशासन और सिंचाई विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।

यदि समय रहते स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले समय में सिंचाई संकट गहरा सकता है और किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।