मध्य रेल का सख्त टिकट जांच अभियान: अप्रैल में 4.96 लाख बिना टिकट यात्री पकड़े

मध्य रेल का सख्त टिकट जांच अभियान: अप्रैल में 4.96 लाख बिना टिकट यात्री पकड़े

40.85 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला, मामलों में 23% और राजस्व में 63% की बढ़ोतरी

मुंबई। मध्य रेल ने यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिना टिकट एवं अनधिकृत यात्रा के खिलाफ अभियान को और तेज कर दिया है। रेलवे द्वारा चलाए गए व्यापक और सघन टिकट जांच अभियानों के तहत अप्रैल 2026 में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है।

मध्य रेल की टिकट जांच टीमों ने अप्रैल 2026 के दौरान 4.96 लाख ऐसे यात्रियों को पकड़ा, जो बिना टिकट या अनुचित/अमान्य टिकट पर यात्रा कर रहे थे। पिछले वर्ष अप्रैल 2025 में यह संख्या 4.04 लाख थी, जिससे इस वर्ष मामलों में लगभग 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अप्रैल 2026 में पकड़े गए यात्रियों से 40.85 करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए। जबकि अप्रैल 2025 में यह राशि 25.03 करोड़ रुपये थी। इस प्रकार जुर्माने की राशि में 63 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।

मंडलवार आंकड़े इस प्रकार रहे

मुंबई मंडल: 2.27 लाख मामलों से 16.13 करोड़ रुपये

भुसावल मंडल: 1.09 लाख मामलों से 12.23 करोड़ रुपये

पुणे मंडल: 0.52 लाख मामलों से 4.54 करोड़ रुपये

नागपुर मंडल: 0.58 लाख मामलों से 3.92 करोड़ रुपये

सोलापुर मंडल: 0.25 लाख मामलों से 1.45 करोड़ रुपये

मुख्यालय: 0.26 लाख मामलों से 2.58 करोड़ रुपये

उपनगरीय एवं मेल/एक्सप्रेस मामलों में भी कार्रवाई

रेलवे ने बताया कि मुंबई और पुणे मंडल उपनगरीय ट्रेन सेवाएं भी संचालित करते हैं। मुंबई मंडल प्रतिदिन 1820 उपनगरीय सेवाएं चलाता है, जिनमें 108 एसी लोकल शामिल हैं। वहीं पुणे मंडल प्रतिदिन 40 उपनगरीय सेवाएं संचालित करता है।

मुंबई मंडल में कुल 2.27 लाख मामलों में से 1.34 लाख उपनगरीय और 93,524 गैर-उपनगरीय मामले दर्ज किए गए। कुल 16.13 करोड़ रुपये में से 6.64 करोड़ रुपये उपनगरीय तथा 9.49 करोड़ रुपये गैर-उपनगरीय मामलों से प्राप्त हुए। इसमें एसी लोकल ट्रेनों के 12,698 मामले शामिल रहे, जिनसे 39.66 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया।

वहीं पुणे मंडल में कुल 51,791 मामलों में से 9,611 उपनगरीय और 42,180 गैर-उपनगरीय मामले रहे। कुल 4.54 करोड़ रुपये जुर्माने में से 0.52 करोड़ रुपये उपनगरीय तथा 4.02 करोड़ रुपये गैर-उपनगरीय मामलों से प्राप्त हुए।

मध्य रेल ने यात्रियों से अपील की है कि वे उचित एवं वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें, ताकि असुविधा और जुर्माने से बचा जा सके। रेलवे ने बिना टिकट यात्रा के प्रति शून्य-सहिष्णुता नीति दोहराते हुए कहा कि वह यात्रियों को गरिमापूर्ण एवं सुरक्षित यात्रा अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध है।

सुरक्षित यात्रा करें, जिम्मेदारी से यात्रा करें, गरिमापूर्ण यात्रा करें।

डॉ. स्वप्नील निला, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, मध्य रेल