जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर परखी स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत

​फतेहपुर। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स एवं मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी। इस दौरान उन्होंने पंजीकरण पटल से लेकर वार्डों तक का सघन भ्रमण किया और मरीजों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने डॉक्टरों को स्पष्ट चेतावनी दी कि पर्चे पर बाहर की दवाएँ कतई न लिखी जाएँ। मरीजों को अस्पताल के भीतर ही समस्त औषधियाँ उपलब्ध कराई जाए। लेबर रूम के निरीक्षण के दौरान प्रति माह 300 डिलीवरी की संख्या को कम बताते हुए जिलाधिकारी ने इसे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसी आशा बहुओं को चिह्नित करने को कहा जिन्होंने पिछले माह एक भी प्रसव नहीं कराया है।महिला वार्ड में फायर सेफ्टी, पेयजल, वायरिंग और पंखों की क्रियाशीलता जांची गई। भर्ती मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। टीम ने ए.आर.टी. सेंटर, सीटी कक्ष, आयुष्मान वार्ड और ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण किया। इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब और रक्त केंद्र में मशीनों की कार्यक्षमता व जांचों की संख्या की भी जानकारी ली गई।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आरईडी (RED) द्वारा नवनिर्मित एनआरसी (NRC) का अवलोकन किया। अधिशाषी अभियंता द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता देख जिलाधिकारी ने उनकी प्रशंसा की।इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. राजेश कुमार सहित अस्पताल के अन्य वरिष्ठ चिकित्सक एवं स्टाफ उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के इस कड़े रुख से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बनी रही।