चांदखेड़ा रोड–साबरमती ‘डी’ केबिन नई ब्रॉड गेज Y-कनेक्टिविटी लाइन का CRS निरीक्षण सफल, संचालन को मिलेगी नई गति

अहमदाबाद। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल में चांदखेड़ा रोड?साबरमती 'डी'केबिन के बीच निर्मित लगभग 1.00 किलोमीटर लंबी नई ब्रॉड गेज Y-कनेक्टिविटी लाइन का रेल संरक्षा आयुक्त (CRS), पश्चिम सर्किल ई. श्रीनिवास द्वारा आज 07 मई 2026 को सफलतापूर्वक संरक्षा निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त ने इस नई लाइन पर मोटर ट्रॉली के माध्यम से विस्तृत निरीक्षण किया और लाइन की संरक्षा, तकनीकी मानकों तथा परिचालन क्षमता का गहन आकलन किया। इसके साथ ही इस सेक्शन पर स्पीड ट्रायल भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस अवसर पर प्रदीप गुप्ता, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण), वेद प्रकाश, मंडल रेल प्रबंधक (अहमदाबाद) सहित निर्माण एवं ओपन लाइन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, साबरमती 'डी' केबिन बाईपास के शुरू होने से उत्तर एवं पूर्वी भारत से आने-जाने वाली ट्रेनों, विशेषकर सौराष्ट्र क्षेत्र की ट्रेनों को व्यस्त साबरमती ?डी? केबिन क्षेत्र में प्रवेश किए बिना वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सकेगा। इससे ट्रेनों की आवाजाही अधिक तेज, निर्बाध और सुगम होगी तथा यात्रियों के यात्रा समय में कमी आने की संभावना है।

नई लाइन के माध्यम से लोको रिवर्सल समाप्त होने से साबरमती मार्ग पर अधिक ट्रेनों के संचालन की सुविधा भी बढ़ेगी। साथ ही चांदखेड़ा रोड बाईपास के जरिए ट्रैफिक डायवर्ट होने से अहमदाबाद (कालूपुर) एवं साबरमती स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा, जिससे परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

रेलवे का मानना है कि यह नई Y-कनेक्टिविटी लाइन भविष्य में अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन में भी सहायक सिद्ध होगी। परियोजना के पूर्ण होने से उत्तर गुजरात और सौराष्ट्र क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा बेहतर रेल संपर्क से चांदखेड़ा एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों और रियल एस्टेट विकास को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है, जिससे अहमदाबाद की आर्थिक प्रगति को नई दिशा मिल सकती है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह नई लाइन पश्चिम रेलवे नेटवर्क को एक वैकल्पिक और सुगम परिचालन मार्ग प्रदान करेगी, जिससे यात्री सुविधाओं और रेल संचालन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।