उत्तर पश्चिम रेलवे पर कैशलैस भुगतान का बढ़ा प्रचलन, अब अधिक यात्री ऐप व UPI से ले रहे टिकट

उत्तर पश्चिम रेलवे पर यात्रियों द्वारा कैशलैस और डिजिटल भुगतान का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। अब रेलवे टिकट, पार्सल, रिटायरिंग रूम, गुड्स सहित अन्य सेवाओं के लिए यात्री बड़ी संख्या में ऑनलाइन पेमेंट और UPI का उपयोग कर रहे हैं। इससे यात्रियों को टिकट लेने में सुविधा मिल रही है और स्टेशन पर लंबी कतारों से भी राहत मिल रही है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि यात्रियों की सुविधा एवं डिजिटल इंडिया अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेलवे स्टेशनों पर अनारक्षित टिकट काउंटरों, पार्सल कार्यालयों सहित अन्य स्थानों पर डायनामिक क्यूआर कोड की सुविधा शुरू की गई है। अब यात्री टिकट खिड़की पर ही QR कोड स्कैन कर आसानी से भुगतान कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि सभी प्रमुख स्टेशनों के आरक्षित टिकट काउंटरों पर पहले से ही पीओएस मशीनों के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा कई स्टेशनों पर एटीवीएम मशीनों से भी डिजिटल माध्यम से अनारक्षित टिकट खरीदे जा सकते हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार UPI के जरिए भुगतान करने से यात्रियों को खुले पैसे की समस्या से राहत मिल रही है और कम समय में टिकट मिल रहा है। साथ ही यह व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शिता को भी बढ़ावा दे रही है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ के कुशल मार्गदर्शन में बुकिंग खिड़कियों पर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए कुल 603 लोकेशन पर डायनामिक QR कोड कमिशन किए जा चुके हैं। यात्री अब पेटीएम, गूगल पे, फोन पे सहित अन्य UPI माध्यमों से आसानी से भुगतान कर रहे हैं।

रेलवे प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया और रेलवे स्टाफ के माध्यम से यात्रियों को डिजिटल भुगतान के लिए निरंतर जागरूक किया जा रहा है।

रेल प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अधिक से अधिक डिजिटल पेमेंट का उपयोग करें और भारतीय रेलवे द्वारा डिजिटल इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किए जा रहे प्रयासों में सहयोग करें।