जोधपुर रेलवे स्टेशन पर जलभराव से मिलेगी राहत, सर्कुलेटिंग एरिया में बन रही नई सीसी रोड

जोधपुर रेलवे स्टेशन पर जलभराव से मिलेगी राहत, सर्कुलेटिंग एरिया में बन रही नई सीसी रोड

मानसून से पहले स्थाई समाधान की पहल, सड़क का लेवल 8 से 12 इंच ऊंचा किया जा रहा

300 फीट लंबी व 100 फीट चौड़ी सड़क पर 20 लाख रुपये खर्च, 6-7 हौदियां भी बनेंगी

जोधपुर। आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए जोधपुर रेलवे स्टेशन के बाहर सर्कुलेटिंग एरिया में वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में रेलवे प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब बारिश के दौरान सड़क पर बहने वाला पानी जमा होकर रेलवे सर्कुलेटिंग एरिया, बुकिंग हॉल, प्लेटफॉर्म और रेल पटरियों तक नहीं पहुंचेगा।

रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर में जलभराव को गंभीरता से लेते हुए सर्कुलेटिंग एरिया में सीसी (सीमेंट कंक्रीट) रोड निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इस नई सड़क का लेवल वर्तमान सड़क से करीब 8 से 12 इंच तक ऊंचा किया जा रहा है, जिससे बरसाती पानी का बहाव नियंत्रित हो सकेगा और पानी स्टेशन क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर पाएगा।

उत्तर पश्चिम रेलवे जोधपुर मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक करनी राम ने बताया कि बारिश के दिनों में स्टेशन के बाहर होने वाले जलभराव का स्थाई समाधान करने के उद्देश्य से करीब 300 फुट लंबी और 100 फुट चौड़ी सीसी रोड बनाई जा रही है। इस परियोजना पर लगभग 20 लाख रुपये की लागत आएगी। यह सड़क स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर भगत की कोठी साइड स्थित मल्टी लेवल कार पार्किंग तक विकसित की जाएगी।

निकासी के लिए बनेंगी 6-7 हौदियां

परियोजना के अंतर्गत जल निकासी को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर 6 से 7 हौदियों का निर्माण भी किया जा रहा है, ताकि बारिश का पानी जमा होने के बजाय सीधे नालों में चला जाए। इससे स्टेशन के बुकिंग हॉल, प्लेटफॉर्म और रेल पटरियों तक पानी पहुंचने की समस्या समाप्त होने की उम्मीद है।

ऑटो स्टैंड रोड का भी होगा उन्नयन

इसके अलावा रेलवे स्टेशन के ऑटो रिक्शा स्टैंड के पास मौजूद सड़क का भी स्टेशन पुनर्विकास कार्य के तहत अपग्रेडेशन प्रस्तावित है। इस सड़क का लेवल मुख्य स्टेशन रोड से अधिक किया जाएगा, जिससे जलभराव की समस्या और अधिक नियंत्रित हो सकेगी।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि इस कार्य से यात्रियों को मानसून के दौरान बड़ी राहत मिलेगी और स्टेशन परिसर में आवागमन सुगम बना रहेगा।