चकिया ब्लॉक बना मनरेगा में फर्जीवाड़ा का हब, परसियाकला में 124 मजदूर कागजों तक सीमित

चकिया ब्लॉक बना मनरेगा में फर्जीवाड़ा का हब, परसियाकला में 124 मजदूर कागजों तक सीमित

चंदौली। चकिया ब्लॉक में मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। परसियाकला गांव में ग्राम प्रधान की देखरेख में कराए जा रहे कार्यों में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। आरोप है कि एक ही फोटो को बार-बार अपलोड कर फर्जी सॉफ्टवेयर के जरिए मस्टर रोल तैयार किया जा रहा है, जिससे बिना काम कराए ही भुगतान निकाला जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार परसियाकला में 124 मजदूरों की हाजिरी कागजों में दर्ज है, जबकि मौके पर गिने-चुने लोग ही दिखाई देते हैं। इससे साफ है कि बड़ी संख्या में मजदूर केवल रिकॉर्ड में मौजूद हैं। इस फर्जीवाड़े के जरिए लाखों रुपये की बंदरबांट किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इस पूरे खेल में एपीओ मनरेगा, जेई, बीडीओ और ठेकेदार की मिलीभगत है। हैरानी की बात यह है कि संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण मिलता नजर आ रहा है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद मजदूरों तक पहुंच सके। साथ ही, फर्जी मस्टर रोल और भुगतान की उच्चस्तरीय जांच कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की भी मांग उठ रही है।