जोधपुर मंडल बना ग्रीन एनर्जी का पावरहाउस, सोलर प्लांट से होगी 24.82 लाख यूनिट बिजली की सालाना बचत

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे का जोधपुर मंडल अब ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की दिशा में बड़ी पहल करते हुए जोधपुर मंडल ने वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 1700 किलोवाट पीक (kwp) क्षमता के सोलर प्लांट सफलतापूर्वक कमीशन कर दिए हैं।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि इन सोलर प्लांट्स के संचालन से प्रतिवर्ष करीब 24.82 लाख यूनिट बिजली की बचत होने का अनुमान है। इससे न केवल रेलवे की ऊर्जा लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन घटाकर पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने बताया कि रेलवे लगातार नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दे रहा है और इसी क्रम में मंडल में 150 kwp क्षमता के अतिरिक्त सोलर प्लांट भी विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए जा चुके हैं। इनकी कमिश्निंग का कार्य तेजी से प्रगति पर है और इनके चालू होने के बाद बिजली उत्पादन क्षमता में और वृद्धि होगी।

रेलवे की यह पहल हरित ऊर्जा के अधिकतम उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जोधपुर मंडल द्वारा अपनाई जा रही यह रणनीति आने वाले समय में अन्य मंडलों के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित हो सकती है।

पृथ्वी दिवस पर दिया स्वच्छता और संरक्षण का संदेश

पृथ्वी दिवस के अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने संदेश देते हुए कहा कि,

?पृथ्वी हमारे अस्तित्व का आधार है। इसकी सुरक्षा और संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छता अपनाकर और ऊर्जा के प्रति जागरूक रहकर हम आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर वातावरण सुनिश्चित कर सकते हैं। रेलवे द्वारा ग्रीन एनर्जी की दिशा में किए जा रहे प्रयास इसी संकल्प का हिस्सा हैं। आइए, हम सभी मिलकर स्वच्छ, हरित और सतत भविष्य के निर्माण में योगदान दें।?

जोधपुर मंडल का यह प्रयास साफ तौर पर दर्शाता है कि रेलवे अब पर्यावरण हितैषी योजनाओं के माध्यम से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है।