अहमदाबाद मंडल की ऐतिहासिक उपलब्धि: पहली बार जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हुई अमूल के दूध उत्पादों की कार्गो रेक

अहमदाबाद। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने माल परिवहन के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज करते हुए जम्मू-कश्मीर के लिए पहली बार दुग्ध उत्पादों की कार्गो रेक सफलतापूर्वक रवाना की है। यह पहल न केवल रेलवे के कार्गो नेटवर्क को मजबूत करती है, बल्कि देश के दूरदराज क्षेत्रों तक आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

जानकारी के अनुसार यह विशेष मालगाड़ी खेप गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (अमूल) के लिए लिंच (LCH) स्टेशन से लोड की गई।

इस कार्गो रेक में कुल 20 BCN वैगन शामिल हैं, जिन्हें दो भागों में विभाजित किया गया। इनमें से 10 वैगन बारी ब्राह्मण (BBMN) के लिए रवाना किए गए, जबकि शेष 10 वैगन उत्तर रेलवे के जम्मू-तवी मंडल के अनंतनाग (ANT) स्टेशन के लिए भेजे गए हैं।

रेलवे प्रशासन के अनुसार इस माल परिवहन से पश्चिम रेलवे को ₹24.62 लाख का माल भाड़ा राजस्व प्राप्त हुआ है।

आपूर्ति श्रृंखला को मिलेगा लाभ

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से जम्मू-कश्मीर में दूध एवं दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी और वहां के बाजारों तक उत्पाद समय पर पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही यह पहल भारतीय रेलवे की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत देश के हर हिस्से में आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है।

पहले भी रचा गया था इतिहास

गौरतलब है कि इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी अहमदाबाद मंडल ने कश्मीर घाटी में माल परिवहन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा था। उस दौरान 1,350 टन औद्योगिक नमक की पहली रेल खेप गुजरात के खाराघोड़ा (KOD) स्टेशन से अनंतनाग (ANT) स्टेशन तक सफलतापूर्वक पहुंचाई गई थी।

गुजरात-कश्मीर व्यापारिक रिश्ते होंगे मजबूत

नमक और दुग्ध उत्पादों की इन सफल खेपों के जरिए अहमदाबाद मंडल ने जम्मू-कश्मीर के साथ व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत किया है। रेलवे का मानना है कि इससे गुजरात के डेयरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों को कश्मीर घाटी के बाजारों से सीधे जोड़ने में बड़ी सहायता मिलेगी और भविष्य में इस तरह की और भी कार्गो सेवाएं शुरू होने की संभावना बढ़ेगी।

रेलवे प्रशासन ने इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि आने वाले समय में माल परिवहन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए नए कॉरिडोर और सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।