दिलीप संघाणी ने नैनो प्रचार वैनों को हरी झंडी दिखाकर किया नैनो जागरूकता महाअभियान का शुभारंभ

इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने 5 नैनो प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाकर इस ऐतिहासिक अभियान का शुभारंभ किया।

ए. के. सिंह, उप विपणन महाप्रबंधक इफको फतेहपुर व मो. साजिद अंसारी क्षेत्राधिकारी इफ्को फतेहपुर द्वारा किसानों बताया गया की नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के द्वारा किसानों को कहा गया कि वे पारंपरिक उर्वरक का कम प्रयोग करे और नैनो उर्वरक का सही तरीके से प्रयोग करके अपना पैसा और पर्यावरण के साथ साथ देश की विदेशी मुद्रा के बोझा से बचा सकते है।उन्होने बताया कि इफको, भारत की सबसे बड़ी उर्वरक सहकारी संस्था, ने आज आधिकारिक रूप से इफको नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि यह एक व्यापक और एकीकृत राष्ट्रीय जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य भारतीय किसानों में नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देना है।यह अभियान माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की प्रेरणा से शुरू किया गया है और आत्मनिर्भर भारत तथा सहकार से समृद्धि जैसे राष्ट्रीय मिशनों के अनुरूप है।श्री संघाणी ने कहा कि भारत आज एक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है, जहां परंपरा और तकनीक का संगम हो रहा है, और यही संयोजन भारतीय कृषि को नई दिशा दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित सहकारिता मंत्रालय का संचालन देश के प्रथम सहकारिता मंत्री अमित शाह कर रहे हैं।सहकार से समृद्धि का मंत्र इस अभियान की भावना को पूर्ण रूप से प्रतिबिंबित करता है और आत्मनिर्भर भारत, आत्मनिर्भर कृषि के लक्ष्य को साकार करता है।श्री संघाणी ने नैनो उर्वरक क्रांति को भारतीय कृषि के लिए परिवर्तनकारी क्षण बताया।इस नैनो महा अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता और परिवर्तन अभियान के रूप में तैयार किया गया है, जिसके चार मुख्य उद्देश्य हैं ।नैनो यूरिया प्लस, नैनो DAP, नैनो NPK, नैनो जिंक और नैनो कॉपर का व्यापक प्रचार।किसानों को मुख्य रूप से फोलियर स्प्रे के माध्यम से सही उपयोग का प्रशिक्षण देना।पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करना।सहकारी नेटवर्क के माध्यम से अंतिम स्तर तक पहुंच सुनिश्चित करना
अपने संबोधन के अंत में दिलीप संघाणी ने इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरक केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि भूमि और पर्यावरण की सुरक्षा तथा किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है।उन्होंने कहा, आइए हम सब मिलकर संकल्प लें कम लागत, अधिक उत्पादन और स्वस्थ पर्यावरण हर खेत में नैनो उर्वरक, यही नया भारत है, यही आत्मनिर्भर भारत है।इफको की नैनो उर्वरक श्रृंखला में नैनो यूरिया प्लस, नैनो DAP, नैनो NPK (लिक्विड और ग्रेन्युलर), नैनो जिंक, नैनो कॉपर और जैव-उत्तेजक धरा अमृत शामिल हैं। धरा अमृत जो अमीनो एसिड, एल्जिनिक एसिड, ह्यूमिक एसिड, आवश्यक खनिज और केले के रस से समृद्ध है।लॉन्च के बाद से किसानों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।नैनो तकनीक, ड्रोन तकनीक, AI और डेटा विश्लेषण में निरंतर नवाचार के माध्यम से इफको भारत के कृषि-खाद्य क्षेत्र को रूपांतरित कर रहा है और ?सहकार से समृद्धि के लक्ष्य को आगे बढ़ा रहा है। इस संबंध मे जनपद के इफको क्षेत्राधिकारी ने अवगत कराया कि जनपद के सभी विकासखंडों मे इस महाअभियान के तहत किसान एवं कृषि के लिए समर्पित इस नए नवाचार को जन -जन तक पहुंचाया जाएगा ।यह कार्यक्रम इफको सदन, नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसका उद्घाटन इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने किया। इस अवसर पर इफको के प्रबंध निदेशक के. जे. पटेल सहित निदेशक मंडल के सदस्य, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।