गरीबों का मसीहा बने समाजसेवी रिंकू सोनकर, सेवा से जीत रहे लोगों का दिल, नगर पंचायत चकिया के है निवासी

गरीबों का मसीहा बने समाजसेवी रिंकू सोनकर, सेवा से जीत रहे लोगों का दिल, नगर पंचायत चकिया के है निवासी


चकिया (चंदौली)। जनपद चकिया क्षेत्र में समाजसेवा की मिसाल बनकर उभरे रिंकू सोनकर आज आम लोगों के बीच भरोसे और सहारे का नाम बन चुके हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद दूसरों की मदद के लिए हमेशा आगे रहने वाले रिंकू सोनकर को लोग अब ?गरीबों का मसीहा? कहने लगे हैं।
नगर पंचायत चकिया निवासी रिंकू सोनकर अपने दयालु स्वभाव, कर्मनिष्ठा और सेवा भाव के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान बना चुके हैं। वे न केवल जरूरतमंदों की आर्थिक मदद करते हैं, बल्कि सामाजिक और मानवीय जिम्मेदारियों को भी पूरी निष्ठा के साथ निभाते हैं।


बताया जा रहा है कि रिंकू सोनकर क्षेत्र की डिजिटल लाइब्रेरी के प्रबंधक भी हैं और युवाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत रहते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान भी सराहनीय माना जा रहा है।


हाल ही में उन्होंने एक वनवासी परिवार की शादी से पहले गृहिणी सामग्री देकर सहायता की, जिससे परिवार की बड़ी चिंता दूर हो गई। इस कार्य की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है।


लोगों के बयान:


एक ग्रामीण ने कहा, ?रिंकू भाई बिना किसी दिखावे के मदद करते हैं, ऐसे लोग समाज में बहुत कम होते हैं।?


एक महिला ने बताया, ?जब हमारे घर में मुश्किल आई तो सबसे पहले रिंकू सोनकर ही मदद के लिए पहुंचे थे।?


एक युवक ने कहा, ?वे सिर्फ मदद नहीं करते, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित करते हैं।?


रिंकू सोनकर का कहना है कि ?सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। जब तक संभव होगा, जरूरतमंदों के साथ खड़ा रहूंगा।?


उनकी इस सोच और कार्यशैली ने उन्हें समाज में एक अलग पहचान दिलाई है। क्षेत्र के लोग मानते हैं कि ऐसे समाजसेवियों की वजह से ही समाज में इंसानियत जिंदा है और जरूरतमंदों को समय पर सहारा मिल पाता है।