प्रयागराज। यात्रियों की सुविधा के लिए रेल प्रशासन ने शुरू की दो विशेष ट्रेनें, कानपुर से गुवाहाटी और कोलकाता के लिए चलेगी साप्ताहिक स्पेशल

प्रयागराज। यात्रियों की बढ़ती भीड़ और यात्रा सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने दो विशेष ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। इसके तहत कानपुर सेंट्रल से गुवाहाटी के लिए नई साप्ताहिक विशेष ट्रेन चलाई जाएगी, जबकि कानपुर सेंट्रल?कोलकाता साप्ताहिक विशेष ट्रेन के संचालन में संशोधन किया गया है। इससे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

कानपुर सेंट्रल - गुवाहाटी के लिए नई विशेष ट्रेन

रेल प्रशासन द्वारा गाड़ी संख्या 04127/04128 कानपुर सेंट्रल- गुवाहाटी साप्ताहिक विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। यह ट्रेन कुल 06 फेरे संचालित की जाएगी।

04127 कानपुर सेंट्रल- गुवाहाटी

प्रत्येक गुरुवार

09 अप्रैल 2026 से 14 मई 2026 तक (06 फेरे)

04128 गुवाहाटी?कानपुर सेंट्रल

प्रत्येक शुक्रवार

10 अप्रैल 2026 से 15 मई 2026 तक (06 फेरे)

कोच संरचना:

एसएलआरडी-02, सामान्य-06, स्लीपर-06, एसी तृतीय-02

कुल 16 कोच

यह ट्रेन फतेहपुर, प्रयागराज, वाराणसी, छपरा, बरौनी, कटिहार, न्यू जलपाईगुड़ी, न्यू अलीपुरद्वार, कोकराझार, रंगिया, कामाख्या होते हुए गुवाहाटी पहुंचेगी।

कानपुर सेंट्रल- कोलकाता साप्ताहिक विशेष ट्रेन का संचालन संशोधित

रेल प्रशासन ने गाड़ी संख्या 04157/04158 कानपुर सेंट्रल-कोलकाता साप्ताहिक विशेष ट्रेन के संचालन में संशोधन का निर्णय लिया है। यह ट्रेन कुल 13 फेरे चलेगी।

04157 कानपुर सेंट्रल?कोलकाता

प्रत्येक सोमवार

06 अप्रैल 2026 से 29 जून 2026 तक (13 फेरे)

04158 कोलकाता?कानपुर सेंट्रल

प्रत्येक मंगलवार

07 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक (13 फेरे)

कोच संरचना:

एसएलआर/डी-02, सामान्य-08, स्लीपर-09, एसी तृतीय-04, एसी द्वितीय-01

कुल 24 कोच

यह ट्रेन फतेहपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, गया, धनबाद, आसनसोल, दुर्गापुर, बर्धमान, बैंडेल, नैहाटी होते हुए कोलकाता पहुंचेगी।

यात्रियों से अपील

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन के समय, ठहराव और अन्य विवरणों की पुष्टि रेलवे पूछताछ, IRCTC वेबसाइट या अधिकृत माध्यमों से अवश्य कर लें।

इन विशेष ट्रेनों के संचालन से गर्मी के मौसम में यात्रियों को अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी और भीड़भाड़ वाले रूटों पर दबाव कम होगा।