प्रयागराज जंक्शन पर नकली यूटीएस टिकट पहचानने को लेकर टिकट चेकिंग स्टाफ को दिया गया प्रशिक्षण

प्रयागराज। रेलवे में नकली एवं डुप्लीकेट यूटीएस टिकटों के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रयागराज जंक्शन पर टिकट चेकिंग स्टाफ के लिए एक विशेष परामर्श सत्र आयोजित किया गया। यह सत्र 26 मार्च 2026 को वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/कोचिंग हरिमोहन के निर्देशन में आयोजित किया गया।

इस प्रशिक्षण सत्र का संचालन मुख्य टिकट निरीक्षक/टिकट चेकिंग अंबरीश राय ने किया। इसमें स्टेशन पर तैनात सभी टिकट चेकिंग कर्मचारियों को नकली और डुप्लीकेट यूटीएस टिकटों की पहचान के लिए आवश्यक जानकारी और व्यावहारिक उपाय बताए गए।

मुख्य टिकट निरीक्षक ने बताया कि तकनीक के दुरुपयोग के चलते नकली टिकटों के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे रेलवे को राजस्व हानि के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी जोखिम भी उत्पन्न हो सकते हैं। उन्होंने कर्मचारियों को टिकट पर अंकित विवरण, फॉन्ट, QR कोड की वैधता, समय-मुद्रण (टाइमस्टैम्प) और टिकट जारी होने के स्रोत की जांच कर संदिग्ध टिकट पहचानने के तरीके समझाए।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यूटीएस मोबाइल ऐप और काउंटर से जारी टिकटों में कुछ विशेष सुरक्षा फीचर होते हैं, जिनकी जांच कर असली और नकली टिकट में अंतर किया जा सकता है। कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि यदि किसी टिकट पर संदेह हो तो तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

सत्र के दौरान कर्मचारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न मामलों पर चर्चा की गई। इससे स्टाफ को वास्तविक परिस्थितियों में सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

अंत में अधिकारियों ने कर्मचारियों से अपील की कि वे सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाएं तथा रेलवे की आय और प्रतिष्ठा की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाएं। रेलवे की यह पहल पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।