दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में रचा नया कीर्तिमान, यात्रियों की संख्या और माल ढुलाई में शानदार वृद्धि

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में रचा नया कीर्तिमान, यात्रियों की संख्या और माल ढुलाई में शानदार वृद्धि

महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने प्रेस वार्ता में गिनाईं उपलब्धियां, संरक्षा में 45% तक कमी

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान यात्री सेवाओं, संरक्षा, माल-ढुलाई, आधारभूत संरचना, डिजिटल पहल और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज कर भारतीय रेल में अपनी अग्रणी भूमिका को और अधिक मजबूत किया है।

इसी क्रम में शुक्रवार को महाप्रबंधक सभागार, बिलासपुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने मीडिया को वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर रेलवे के सभी विभागाध्यक्ष एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

यात्री सेवाओं में 12% की वृद्धि

महाप्रबंधक ने बताया कि यात्रियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस वर्ष 8.30 करोड़ से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है।

इस दौरान 35,469 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें और 50,407 पैसेंजर ट्रेनें संचालित की गईं। यात्रियों की सुविधा के लिए 4 नई ट्रेन सेवाएं शुरू, 7 ट्रेनों का विस्तार किया गया और 36 ट्रेन जोड़ियों में 28 नए ठहराव प्रदान किए गए।

रेल यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने के लिए 5 आईसीएफ रेक को आधुनिक एलएचबी कोचों में बदला गया। त्योहारों के दौरान 32 आरक्षित विशेष ट्रेनों के 126 ट्रिप और 9 अनारक्षित विशेष ट्रेनें चलाई गईं। पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु भारत गौरव ट्रेनों के 84 ट्रिप संचालित किए गए।

संरक्षा में बड़ी सफलता, दुर्घटनाओं में 45% की कमी

रेल संरक्षा के क्षेत्र में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2025-26 में दुर्घटनाओं में 45 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

इस दौरान 18 रोड ओवर ब्रिज (ROB) और 27 रोड अंडर ब्रिज (RUB) बनाकर 34 लेवल क्रॉसिंग समाप्त की गईं। साथ ही 7 गेटों का इंटरलॉकिंग कार्य भी पूरा किया गया।

सिग्नलिंग सुधार के तहत 11 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और 25 स्टेशनों पर EI मॉडिफिकेशन किया गया। ?कवच? प्रणाली के अंतर्गत 101 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव में इंस्टॉलेशन किया गया और ट्रैक साइड कार्यों में भी तेजी लाई गई।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी कोचों में अग्नि-निरोधक प्रणाली लगाई गई, 212 कोचों में एरोसोल आधारित अग्निशमन प्रणाली, 58 स्टेशनों पर फायर अलार्म सिस्टम तथा 343 किलोमीटर सुरक्षा फेंसिंग प्रदान की गई।

माल ढुलाई में नया रिकॉर्ड, देश में दूसरा स्थान

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 261 मिलियन टन माल-ढुलाई कर नया कीर्तिमान स्थापित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.1 प्रतिशत अधिक है। इस प्रदर्शन के साथ रेलवे ने भारतीय रेल में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

विशेष रूप से कोयला परिवहन में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 199.50 मिलियन टन का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिससे ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिली।

₹32,000 करोड़ से अधिक राजस्व अर्जित

बेहतर माल-ढुलाई के चलते दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने ₹32,000 करोड़ से अधिक राजस्व अर्जित किया। इसमें से ₹30,400 करोड़ से अधिक आय माल-ढुलाई से प्राप्त हुई।

परिचालन अनुपात भी 54.87% से सुधरकर 53.30% हो गया, जो रेलवे की दक्षता में सुधार को दर्शाता है।

आधारभूत ढांचे में विस्तार, स्टेशन विकास पर जोर

महाप्रबंधक ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में 1475 किमी लंबी 15 परियोजनाएं पूर्ण की गईं। वर्तमान वर्ष में 125 किमी नई लाइन का कमीशनिंग किया गया। वहीं 2790 किमी की 41 परियोजनाएं स्वीकृत होकर प्रगति पर हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 50 स्टेशनों पर कार्य जारी है, जिनमें 17 स्टेशनों पर प्रथम चरण पूरा हो चुका है। यात्रियों की सुविधा के लिए 14 लिफ्ट, 12 एस्केलेटर, 12 फुट ओवर ब्रिज, प्लेटफॉर्म उन्नयन तथा नए शौचालय बनाए गए। इसके अलावा रेल मदद पोर्टल के माध्यम से 51,000 से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया।

डिजिटल पहल में भी अग्रणी

डिजिटल सेवाओं में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने बड़ा मुकाम हासिल किया। यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के माध्यम से 20.67% अनारक्षित टिकटों की बुकिंग हुई, जिससे यह गैर-उपनगरीय रेलवे में पहले स्थान पर रहा।

वहीं पीआरएस काउंटरों पर डिजिटल भुगतान मार्च 2025 में 8.52% से बढ़कर मार्च 2026 में 36.10% तक पहुंच गया।

तकनीकी नवाचार और हरित ऊर्जा पर फोकस

तकनीकी नवाचार के तहत रायपुर मंडल में एआई-सक्षम ड्रोन से ओएचई निरीक्षण शुरू किया गया। भिलाई और कोरबा में एआई आधारित ऑटोमैटिक वैगन डैमेज डिटेक्शन सिस्टम भी स्थापित किया गया।

हरित ऊर्जा के अंतर्गत 2263 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए।

आरपीएफ ने यात्रियों की सुरक्षा में निभाई अहम भूमिका

रेलवे सुरक्षा बल ने ?ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते? के तहत 324 बच्चों को बचाया। साथ ही ₹55.61 लाख के अवैध टिकट, ₹3.31 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त किए गए तथा ₹1.72 करोड़ की चोरी गई संपत्ति यात्रियों को वापस दिलाई गई।

कर्मचारी कल्याण को मिली प्राथमिकता

कर्मचारी कल्याण के क्षेत्र में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 4,193 नए कर्मचारियों की भर्ती की। कर्मचारियों के लिए ₹1 करोड़ का बीमा कवर तथा दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मोबाइल मेडिकल वैन सेवा शुरू की गई।

महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने कहा कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की यह सफलता कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। रेलवे आने वाले वर्षों में भी यात्री सुविधा, संरक्षा और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ता रहेगा।