पिपली में आयोजित जन-आक्रोश रैली के लिए पीलीभीत से सैकड़ो किसान रवाना

पीलीभीत। कुरुक्षेत्र सत्ता के गलियारों में बैठे हुक्मरानों की नींद उड़ाने के लिए उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से किसानों का एक सैलाब हरियाणा की ओर कूच करने को तैयार है। जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह कहलो के आक्रामक नेतृत्व में आगामी 23 मार्च 2026 को हरियाणा के पिपली में एक विशाल जन आक्रोश रैली का आयोजन किया जा रहा है। यह रैली महज कोई औपचारिक सभा नहीं, बल्कि सरकार की उन हठधर्मी नीतियों के खिलाफ एक सीधा युद्धघोष है, जिसने देश के अन्नदाता को हाशिए पर धकेल दिया है। रंजीत सिंह कहलो ने स्पष्ट कर दिया है कि अब अपीलों और ज्ञापनों का दौर बीत चुका है। पीलीभीत का किसान अब चुप नहीं बैठेगा। इस महारैली के लिए जिले के कोने-कोने से हजारों की संख्या में जुझारू किसान और समर्पित कार्यकर्ता लामबंद हो रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉली और निजी वाहनों के विशाल काफिले के साथ पीलीभीत से पिपली पहुँचने का लक्ष्य रखा गया है। रैली का मुख्य उद्देश्य उन किसान विरोधी नीतियों की चूलें हिलाना है, जो खेती को घाटे का सौदा बना रही हैं। इस आंदोलन की तपिश कुरुक्षेत्र की उस पावन धरती से महसूस की जाएगी, जहाँ अन्याय के विरुद्ध धर्मयुद्ध लड़ा गया था। कार्यकताओं का जोश सातवें आसमान पर है और वे इसे आर-पार की लड़ाई मान रहे हैं। रैली के माध्यम से सरकार को यह कड़ा सदेश देने की तैयारी है कि यदि किसानों की वाजिब मांगें तुरंत पूरी नहीं की गईं, तो यह आक्रोश केवल पिपली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश की सड़कों पर उतरेगा। पीलीभीत से निकलने वाला यह हुजूम न केवल अपनी मांगों को बुलंद करेगा, बल्कि यह भी साबित करेगा कि रंजीत सिंह कहलो के नेतृत्व में किसान अब संगठित और आक्रामक है। 23 मार्च का दिन, जो कि शहादत का प्रतीक है, इस बार किसान शक्ति के उदय का गवाह बनेगा। अब देखना यह है कि क्या इस प्रचंड जन-आक्रोश जन-आक्रोश के बाद भी सरकार अपनी आंखें मूंद रहती है या फिर उसे अन्नदाता के आगे झुकना पड़ता है।