कर्मचारियों की लापरवाही से 2 मकान हुये तबाह, ग्रामीणों में आक्रोष, मुआवजे की मांग

श्रीगंगानगर जिले की रावला मंडी के गांव 7KPD में वाटर वर्क्स के कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है जहां एक पुराने बंद नाले को बिना उचित योजना और सुरक्षा के तोड़ने का खामियाजा ग्रामीण लोगों को भारी नुकसान के रूप में भुगतना पड़ा। इस घटना में दो घरों को गंभीर क्षति पहुंची है जिनमें से एक मकान पूरी तरह ढह गया जबकि दूसरे मकान में गहरी दरारें आ गई हैं।

ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में नहर में पानी आने के बाद वाटर वर्क्स की डिग्गी में पानी भरने के लिए पहले से नहर से पाइप डाली हुई थी। वहीं एक नाला पिछले 20-25 वर्षों से बंद पड़ा था। बताया जा रहा है कि वाटर वर्क्स के कर्मचारियों ने कल छेनी-हथौड़े से उस पुराने नाले में लगे बंधे को अचानक तोड़ दिया जिससे पानी का बहाव अनियंत्रित हो गया।

रात के समय जैसे ही नहर का पानी छोड़ा गया तो पानी तेजी से नाले के रास्ते गांव की बस्तियों की ओर बढ़ा और सीधे लोगों के घरों में घुस गया। देखते ही देखते हालात इतने बिगड़ गये कि एक मकान पूरी तरह ढह गया, जबकि पास के दूसरे मकान में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई जिससे वह दूसरा मकान भी कभी भी गिर सकता है।

इस घटना से घरों के अंदर रखा सारा सामान मलबे में दब गया। पीड़ित परिवार के अनुसार कूलर, फ्रिज, एलसीडी, डबल बेड, अलमारी सहित घरेलू सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया है। गनीमत रही कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था वरना बड़ा जानमाल का नुकसान हो सकता था।

मकान मालिक पृथ्वीराज ने बताया कि यह पूरा नुकसान कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुआ है। जब इस मामले में जेईएन अवतार सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि नुकसान का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा। लेकिन पीड़ित का कहना है कि जब गलती कर्मचारियों की है तो उन्हें मुआवजे के लिए लंबा इंतजार क्यों करना पड़े।

इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और लोग जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई व तुरंत मुआवजे की मांग कर रहे हैं।