जैविक कीट नियत्रण में फसल निगरानी महत्वपूर्ण:डाॅ ओ पी वर्मा

फतेहपुर। शनिवार को हथगाम विकास खण्ड के चकदान छिटन गाॅव में नमामि गंगे योजनान्तर्गत द्वितीय वर्ष के जैविक मेले का आयोजन ग्रीनरी एग्रीबिजनेस प्राo. लिo. द्वारा किया गया। योजना से जुड़े हुए क्लस्टर के किसान अलग अलग गाॅव से एकदिवसीय जैविक मेला व प्रदर्शनी के कार्यक्रम में आये।पूर्व प्रधान ने फीता काटकर आयोजन का शुभारम्भ किया।सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक डाक्टर शिवमंगल सिंह ने नीम के प्रयोग कर जैविक कीटनाशक, जैविक खाद व अनाज भण्डारण का तरीका बताया।उन्होनें वर्षा जल के लिए बड़ी मेढ़बन्दी कर बरसात के पहले पानी को खेत में रोकने का महत्व बताया। कृषि प्रशिक्षक रमाकांत तिवारी ने किसानों को गौ आधारित जैविक खेती की उपयोगी जानकारी दी। औषधीय व सगन्ध खेती के बारे में कृषि सलाहकार व प्रगतिशील किसान,कृषि उद्यमी अमित कुमार ने किसानों को वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन, स्टीविया, तुलसी, कालमेघ,भूमि आवला, पामरोजा, ब्राह्मी, अश्वगंधा, सर्पगंधा ,शतावर आदि उपयोगी फसलों की खेती और बिक्री की जानकारी दी।इस मौके पर क्लस्टर में अच्छी जैविक खेती करने वाले दस किसानों को सम्मानित किया गया।वहीं आलोक गौड़ व शिवसागर सिंह ने संयुक्त रूप से मंच संचालन किया। मेला प्रागंण मे ही फार्मर रजिस्ट्री कैम्प व किसान सम्मान निधि की शिकायतों के लिए कार्य किया गया। प्रदर्शनी में जैविक कृषि के आदानों महिला स्वय॔ सहायता समूहों द्वारा उत्पादित जैविक उत्पादों,भगवान के कपड़े,शिवराजपुर की प्रसिद्ध मिश्री,बाजरा के लड्डू, शुद्ध देशी घी व हरी हर्बल केयर के आयुर्वेदिक उत्पादों की किसानों ने खरीददारी की। सहयोगी संस्था ग्रीनरी एग्रीबिजनेस प्राईवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर रमेश कुमार और समस्त टीम राहुल सिंह (सीनियर Executive), अनुपम चौहान, बृजेश सिंह, विकास कुमार, कमल यादव ,स्टॉल में बैठे हुए प्रगतिशील कृषकों व अन्य ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम के माध्यम से कृषकों को ज्यादा क्षेत्रफल में जैविक खेती करने के लिए प्रेरणा दी गयी।कार्यक्रम के अंत मे जैविक खेती के प्रगतिशील किसानों को समामानित किया गया।