पूर्व ब्लाक प्रमुख संग कृषि विशेषज्ञों ने जैविक खेती के लाभ बताए

फतेहपुर। गंगा तटवर्ती गाॅवों में जैविक खेती को बढ़ावा देने को सरकार प्रयासरत है।किसानों तक तकनीकी जानकारी पहुॅचाई जा रही है।जैविक उत्पादों की पैकेजिंग और ब्राडिंग की जा रही है।इसी क्रम मे ऐरांया ब्लाक के बैगांव में नमामि गंगे योजना के तहत जैविक कृषि मेला व प्रदर्शनी का आयोजन गुरूवार को उप जिला कृषि निदेशक सत्येंद्र सिंह के निर्देशन में कृषि विभाग की सर्विस प्रोवाइडर ईश एग्रीटेक प्राईवेट लिमिटेड इंदौर मध्य प्रदेश के द्वारा किया गया। मेले का शुभारंभ फीता काटकर मुख्य अतिथि पूर्व ब्लाक प्रमुख अशोक सिंह ने किया। कार्यक्रम में सैकड़ों महिला व पुरूष किसानों ने प्रतिभाग किया।मेले व प्रदर्शनी का संचालन आलोक गौड़ ने किया।अशोक सिंह ने किसानों प्रगतिशील किसानों, कृषि वैज्ञानिकों व प्रशिक्षकों द्वारा दी जा रही जानकारी का लाभ उठाने को कहा।उन्होनें किसानों से गंगा की स्वच्छता व अपनी सेहत के लिए जैविक खेती करने पर जोर दिया।प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षक वीरेंद्र यादव ने किसानों को बाजार पर आश्रित न रहकर आत्मनिर्भर किसान बनाने के लिए खुद का बीज खाद व जैविक कीटनाशक रखने की सलाह दी।उन्होने किसानों को फेरोमेन ट्रैप,फल मक्खी ट्रैप और ग्लू ट्रैप के द्वारा कीट नियंत्रण की विधि बताई। रमाकांत त्रिपाठी ने जीवामृत बनाने और खेती में उपयोग की जानकारी दी।उन्होंने देशी गाय के महत्व पर प्रकाश डाला। डा शिवमंगल सिंह ने मेढ़बंदी,फसल विवधीकरण,फसल चक्र अपनाने व गर्मी की गहरी जुताई के साथ किसानों को हरी खाद बोने की सलाह दी।उन्होने नीम आधारित खेती पर बल दिया।औषधीय व सगन्ध खेती के लिए अमित श्रीवास्तव ने मेंथा,लेमनग्रास, कालमेघ,तुलसी,चिया,अश्वगंधा,स्टीविया,भूमि आंवला व गेंदा,गुलाब,रजनीगंधा आदि की खेती के बारे में जानकारी दी।सेवानिवृत संयुक्त कृषि निदेशक ओ पी वर्मा ने कीट निय॔त्रण के लिए मित्र व शत्रु कीट की पहचान को लाभदायक बताया।इस मौके पर भृगु आर्गेनिक,जैविक महिला उत्पादक समूह,हरि हर्बल व एफपीओ के उत्पादों के स्टॉल लगाए गए।ईश एग्रीटेक के प्रोजेक्ट क्वार्डिनेटर जितेंद्र सिंह के साथ अनिल मिश्रा, अखिलेश कुमार, विवेक ,जैशेन्द्र,राहुल,गुरूप्रसाद आदि रहे।