गायत्री तपोभूमि शांतिकुंज हरिद्वार में 140वें प्रबंधन विकास कार्यक्रम का आयोजन

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे द्वारा गायत्री तपोभूमि शांतिकुंज में 9 मार्च से 13 मार्च 2026 तक 140वें प्रबंधन विकास कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों के तनाव को कम करना तथा आध्यात्मिक मूल्यों के माध्यम से उनकी कार्यक्षमता और नेतृत्व क्षमता का विकास करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ 9 मार्च को शांतिकुंज के युवा प्रकोष्ठ प्रभारी केदार प्रसाद दुबे तथा उत्तर मध्य रेलवे के सहायक उप महाप्रबंधक सुनील कुमार गुप्ता के कर कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री दुबे ने कहा कि उपासना, साधना और आराधना का त्रिसूत्रीय सिद्धांत आधुनिक प्रबंधन का मूल आधार है।

इस अवसर पर श्री सुनील कुमार गुप्ता ने भारतीय संस्कृति की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति लोककल्याण की भावना पर आधारित है, जिसमें सभी के सुख और कल्याण की कामना की जाती है। उन्होंने कहा?

?सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः।

सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्।?

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। शांतिकुंज प्रतिनिधि अरविंद ने सप्त आंदोलन, बृजेश वर्मा ने साइबर सुरक्षा, सहायक वाणिज्य प्रबंधक मुख्यालय प्रयागराज शशि रंजन ने वाणिज्य प्रबंधन तथा केंद्रीय चिकित्सालय प्रयागराज के चिकित्सा निदेशक संजीव कुमार हंडू ने स्वास्थ्य प्रबंधन विषय पर विस्तृत जानकारी दी।

इसी क्रम में शांतिकुंज प्रतिनिधि प्रमोद भटनागर ने गायत्री साधना क्यों और कैसे विषय पर मार्गदर्शन दिया।

हरिद्वार के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता मनोज कुमार ने रेल मदद, संरक्षा तथा बायो-टॉयलेट से संबंधित जानकारी साझा की। वहीं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति चिन्मय पंड्या ने अपने आशीर्वचन में कहा कि आज के समय में प्रबंधन और नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों तथा मानवीय संवेदनाओं का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व विकास का उद्देश्य केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करना भी है।

इसके अलावा डीएफसीसीआईएल के महाप्रबंधक मन्नू प्रकाश दुबे ने तनाव प्रबंधन तथा मुख्य कारखाना प्रबंधक सिथौली शिवाजी कदम ने पर्यावरण प्रबंधन विषय पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक मुरादाबाद चेतन तनेजा ने पर्यवेक्षकों के बीच सामंजस्य और नई तकनीकों के प्रयोग पर तथा सहायक कार्मिक अधिकारी रवि कुमार मीना ने भारतीय रेल एवं मानव संसाधन विकास प्रणाली विषय पर विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान ?भारतीय संस्कृति के प्रसार में रेलवे का योगदान? विषय पर एक निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए गए, जबकि दो प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में नगद राशि दी गई।

कार्यक्रम का समापन 13 मार्च को आयोजित समारोह में हुआ। इस अवसर पर शांतिकुंज के व्यवस्थापक योगेंद्र गिरि ने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र तथा स्मृति स्वरूप समूह फोटोग्राफ प्रदान किए। कार्यक्रम के अंत में सहायक उप महाप्रबंधक श्री सुनील कुमार गुप्ता ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

यह 140वां प्रबंधन विकास कार्यक्रम वरिष्ठ उप महाप्रबंधक विनीत कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में तथा उप महाप्रबंधक अतुल कुमार मिश्रा, मुख्य कार्य अध्ययन निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह, मुख्य कार्यालय अधीक्षक शशि प्रभा वर्मा, कार्यालय अधीक्षक प्रशांत सिंह, लाल मोहम्मद तथा लक्ष्मी नारायण के कुशल प्रबंधन में संपन्न हुआ।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडलों के साथ-साथ झांसी, ग्वालियर और सिथौली कारखानों के पर्यवेक्षकों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की।