अहमदाबाद मंडल की आधुनिक मेकेनाइज्ड लॉन्ड्री से यात्रियों को मिल रहा स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाला बेडरोल

अहमदाबाद। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल द्वारा यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता की लिनेन सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कांकरिया स्थित बीओओटी मॉडल आधारित आधुनिक यंत्रीकृत लॉन्ड्री का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इस अत्याधुनिक लॉन्ड्री में लंबी दूरी की ट्रेनों के एसी कोचों में यात्रियों को दिए जाने वाले बेडरोल की धुलाई, सफाई और प्रबंधन वैज्ञानिक एवं स्वचालित तकनीक के माध्यम से किया जाता है, जिससे स्वच्छता और गुणवत्ता के उच्च मानक सुनिश्चित होते हैं।

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा वर्ष 2022-23 में देश की 67 यंत्रीकृत लॉन्ड्री में से निरीक्षण के लिए चुनी गई 19 लॉन्ड्री में कांकरिया लॉन्ड्री को सबसे किफायती, कुशल और पर्यावरण अनुकूल पाया गया। लगभग 1800 वर्गमीटर क्षेत्र में स्थापित इस इकाई में से करीब 1300 वर्गमीटर क्षेत्र का उपयोग संचालन के लिए किया जा रहा है।

इस लॉन्ड्री की धुलाई क्षमता प्रति शिफ्ट 8 टन (कुल 16 टन) है, जबकि प्रतिदिन लगभग 19.5 टन लिनेन (18 टन बेडरोल और 1.5 टन अन्य वस्त्र) की धुलाई की जाती है। प्रतिदिन करीब 43,000 बेडशीट और 21,000 तकिया कवर सहित लगभग 72,000 लिनेन की धुलाई कर लगभग 12 ट्रेनों के लिए बेडरोल उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्तमान में लिनेन धुलाई का अनुबंध दर ₹16.65 प्रति किलोग्राम या प्रति बेडरोल निर्धारित है तथा इस इकाई में लगभग 200 कर्मचारी कार्यरत हैं।

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यहां थर्मिक फ्लूइड बॉयलर में ईंधन के रूप में मूंगफली के छिलकों का उपयोग किया जाता है, जिससे प्रदूषण कम होता है और ऊर्जा की बचत भी होती है। साथ ही लॉन्ड्री में जल शोधन संयंत्र के माध्यम से भूजल को आरओ प्रणाली से शुद्ध कर धुलाई में उपयोग किया जाता है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 1 लाख 20 हजार लीटर पानी की खपत होती है।

शिकायतों में आई उल्लेखनीय कमी

इन प्रयासों के परिणामस्वरूप लिनेन से संबंधित शिकायतों में उल्लेखनीय कमी आई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में 6075 शिकायतें, वर्ष 2024 में 5962 शिकायतें तथा वर्ष 2025 में 3669 शिकायतें दर्ज की गईं। इस प्रकार वर्ष 2025 में शिकायतों में लगभग 38 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जबकि गंदे लिनेन से संबंधित शिकायतों में भी लगभग 34 प्रतिशत की कमी आई है।

यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए समग्र लिनेन प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है, जिससे लिनेन की धुलाई और वितरण व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाया गया है। पुराने और घिसे हुए लिनेन को नियमित रूप से बदलकर गुणवत्ता और स्वच्छता के मानकों में सुधार किया गया है। वर्ष 2024 में लगभग 23 प्रतिशत लिनेन दो वर्ष से अधिक पुराने थे, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाकर अब शून्य प्रतिशत कर दिया गया है।

इसके अतिरिक्त एसी कोच परिचारकों के लिए नियमित परामर्श सत्र आयोजित किए जाते हैं ताकि यात्रियों के साथ उनका व्यवहार शिष्ट और जिम्मेदार बना रहे। यात्रियों की निजता बनाए रखने के लिए उन्हें मास्क्ड आरक्षण चार्ट भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी एसी कोच परिचारकों का प्रस्थान और आगमन के समय ब्रीथ एनालाइज़र परीक्षण भी किया जाता है।

अहमदाबाद मंडल ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रयोगात्मक तौर पर गुजरात मेल एक्सप्रेस में कंबल कवर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी शुरू की है, जिसे यात्रियों द्वारा काफी सराहा जा रहा है।