रेलवे परिसंपत्तियों की रक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरपीएफ द्वारा क्षेत्र में लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं

रेल यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे परिसंपत्तियों की रक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरपीएफ द्वारा क्षेत्र में लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के जरिए न केवल अपराध और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है, बल्कि जरूरतमंद यात्रियों, बच्चों और महिलाओं को भी सहायता प्रदान की जा रही है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार भारतीय रेलवे प्रतिदिन लाखों यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराती है। इतने बड़े रेल नेटवर्क की सुरक्षा सुनिश्चित करने में आरपीएफ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

आरपीएफ द्वारा इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में कई विशेष ऑपरेशन चलाए गए, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

ऑपरेशन नारकोस के तहत रेलवे क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। इस अभियान के दौरान 51 मामलों का पता लगाते हुए अफीम, डोडा पोस्त, डोडा चूरा और गांजा जैसे अवैध मादक पदार्थ बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 79 लाख 43 हजार रुपये आंकी गई। इस कार्रवाई में 36 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की गई।

वहीं ऑपरेशन सतर्क के तहत अवैध शराब तस्करी के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की गई। इस अभियान में 191 मामलों का खुलासा करते हुए करीब 55 लाख 67 हजार रुपये की अवैध शराब जब्त की गई और 88 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जब्त की गई शराब और आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए राजकीय रेलवे पुलिस और संबंधित विभागों को सौंप दिया गया।

ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में ऐसे बच्चों की पहचान की गई जो अपने परिवार से बिछड़ गए थे या घर से भागकर रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे। इस अभियान के तहत 662 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर चाइल्ड हेल्पलाइन और सामाजिक संस्थाओं की मदद से उनके परिजनों को सौंपा गया।

अवैध टिकट दलाली पर रोक लगाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन उपलब्ध के तहत 105 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 163 लाइव ई-रेल टिकट और 2156 अन्य यात्रा टिकट जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 49 लाख रुपये से अधिक थी। इसके अलावा 256 आईआरसीटीसी आईडी को भी ब्लॉक किया गया।

रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाए गए ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में जेबतराशी और चोरी करने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 213 मामलों में 253 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

इसके अलावा ऑपरेशन अमानत के तहत आरपीएफ कर्मियों ने ईमानदारी और सेवा भावना का परिचय देते हुए 1829 यात्रियों के लगभग 3 करोड़ 60 लाख रुपये मूल्य के खोए हुए सामान को ढूंढकर सुरक्षित रूप से उन्हें वापस लौटाया।

वहीं ऑपरेशन जीवन रक्षा के तहत चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने के दौरान दुर्घटना का शिकार हो रहे 29 यात्रियों की जान आरपीएफ जवानों ने समय रहते बचाई।

रेलवे स्टेशनों पर बेसहारा लोगों के पुनर्वास के लिए चलाए गए ऑपरेशन डिग्निटी के तहत 288 पुरुषों और 170 महिलाओं को विभिन्न पुनर्वास संस्थानों और योजनाओं के तहत सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।

महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए चल रही मेरी सहेली योजना के तहत 16 ट्रेनों को चिन्हित किया गया है। इन ट्रेनों में तैनात महिला आरपीएफ की 9 टीमों ने अब तक 1 लाख 73 हजार 256 महिला यात्रियों को यात्रा के दौरान सहायता और सुरक्षा प्रदान की है।

इसके अलावा ऑपरेशन आहट के तहत मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 42 बच्चों को रेस्क्यू किया गया और 11 मानव तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।