क्रिकेट प्रेमियों के लिए 'सिक्सर': 12 विशेष ट्रेनों के माध्यम से 15,000 प्रशंसकों को पहुँचाया मंजिल तक,₹1.50 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व किया अर्जित

क्रिकेट प्रेमियों के लिए 'सिक्सर': 12 विशेष ट्रेनों के माध्यम से 15,000 प्रशंसकों को पहुँचाया मंजिल तक

₹1.50 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व किया अर्जित

क्रिकेट के महाकुंभ और अहमदाबाद में आयोजित विश्व कप 2026 के हाई-प्रोफाइल फाइनल मैच के मद्देनज़र पश्चिम रेलवे ने अपनी परिचालन क्षमता और यात्री सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 08 मार्च,को खेले गए इस ऐतिहासिक मुकाबले के दौरान दर्शकों की अभूतपूर्व भीड़ को देखते हुए रेलवे ने रणनीतिक रूप से 12 विशेष ट्रिप ट्रेनों का संचालन किया, जो न केवल लॉजिस्टिक दृष्टि से सफल रहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी अत्यधिक लाभकारी सिद्ध हुईं।

इन विशेष ट्रेनों के माध्यम से 15,000 से अधिक यात्रियों ने यात्रा की तथा इन ट्रेनों में 100 प्रतिशत से अधिक ऑक्युपेंसी दर्ज की गई। इन ट्रेनों के संचालन से ₹1.50 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। साथ ही अहमदाबाद-दिल्ली आश्रम, अहमदाबाद-नई दिल्ली स्वर्ण जयंती राजधानी, अहमदाबाद-मुंबई-सेंट्रल वंदे भारत, गांधीनगर कैपिटल-मुंबई-सेंट्रल वंदे भारत, अहमदाबाद-दादर गुजरात मेल, अहमदाबाद-बांद्रा टर्मिनस लोक शक्ति जैसे प्रीमियम ट्रेनों की ऑक्युपेंसी भी 100 प्रतिशत से अधिक रही।

यात्रियों की भारी मांग को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे ने महाराष्ट्र और गुजरात के प्रमुख केंद्रों को जोड़ने वाले विशेष रूटों पर ट्रेनों का संचालन किया। इन ट्रेनों को मुंबई सेंट्रल, बांद्रा टर्मिनस, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और पुणे जैसे प्रमुख स्टेशनों से सीधे अहमदाबाद के लिए चलाया गया।

कुल 6 विशेष ट्रेनें अहमदाबाद की ओर (प्रशंसकों को मैच के लिए ले जाने हेतु) तथा 6 विशेष ट्रेनें अहमदाबाद से वापसी (मैच के उपरांत यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने हेतु) संचालित की गईं।

नियमित ट्रेनों की समय सारिणी को प्रभावित किए बिना इन विशेष सेवाओं को इस प्रकार व्यवस्थित किया गया कि यात्रियों को लगभग 'डोर-टू-डोर' जैसी सुविधा का अनुभव प्राप्त हो सके।

ट्रेनों में 100 प्रतिशत से अधिक की ऑक्युपेंसी यह दर्शाती है कि क्रिकेट प्रशंसकों के बीच इन विशेष सेवाओं की भारी मांग थी। रेलवे ने कुछ ट्रेनों में भी ?तत्काल? आधार पर अतिरिक्त कोच जोड़कर अधिकतम यात्रियों को समायोजित करने का भी प्रयास किया।

भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अहमदाबाद और मुंबई के स्टेशनों पर अतिरिक्त रेलवे सुरक्षा बल (RPF) तथा वाणिज्यिक कर्मचारियों की तैनाती की गई। स्टेशनों पर विशेष सहायता डेस्क तथा बेहतर उद्घोषणा प्रणाली की व्यवस्था की गई ताकि प्रशंसकों को मैच के उत्साह के बीच किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

विश्व कप के दौरान पश्चिम रेलवे की इस पहल ने न केवल हजारों प्रशंसकों की यात्रा को आरामदायक बनाया, बल्कि बड़े आयोजनों के दौरान रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया और प्रबंधन क्षमता को भी प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया।