हरिपुर बाड़े की देशी शराब दुकान पर तय समय से पहले और बाद में बिक्री का आरोप, आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

हरिपुर बाड़े की देशी शराब दुकान पर तय समय से पहले और बाद में बिक्री का आरोप, आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

संवाददाता- राज कुमार सोनकर

चकिया/चंदौली। जनपद चंदौली के चकिया क्षेत्र अंतर्गत हरिपुर बाड़े स्थित देशी शराब की दुकान एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां निर्धारित समय से पहले और तय समय के बाद भी खुलेआम देशी शराब की बिक्री की जा रही है। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार दुकान पर तैनात कर्मचारियों द्वारा अधिक कीमत देने पर किसी भी समय शराब उपलब्ध करा दी जाती है। आरोप है कि दुकान के बाहर बने आउटसाइडर के जरिए सुबह दुकान खुलने के निर्धारित समय से पहले ही शराब निकालकर ग्राहकों को बेच दी जाती है। वहीं रात में भी तय समय के बाद बिक्री का सिलसिला जारी रहता है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से न केवल नियमों की अनदेखी हो रही है, बल्कि क्षेत्र में अवैध तरीके से शराब बिक्री को भी बढ़ावा मिल रहा है। लोगों का यह भी आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी समय से पहले शराब बिक्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद आबकारी विभाग की ओर से कार्रवाई का दावा किया गया था। हालांकि वर्तमान स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की कार्रवाई केवल कागजी खानापूर्ति तक ही सीमित रह गई है।

सूत्रों की मानें तो दुकान पर ओवररेटिंग का खेल भी चल रहा है और तय मूल्य से अधिक पैसे लेकर शराब बेची जा रही है। इसे लेकर क्षेत्र में चर्चा है कि यह सब आबकारी विभाग की मिलीभगत से हो रहा है।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जब वे आबकारी अधिकारियों से शिकायत करने के लिए फोन करते हैं तो अक्सर उनका फोन तक नहीं उठाया जाता, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

अब सवाल यह उठता है कि हरिपुर बाड़े स्थित इस देशी शराब दुकान के मामले में आबकारी विभाग कोई सख्त और ठोस कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। क्षेत्रीय लोगों की नजरें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।