चकिया का लाल बना IAS — शिक्षक के बेटे मृत्युंजय गुप्ता ने UPSC में फहराई सफलता की विजय पताका 

चकिया का लाल बना IAS ? शिक्षक के बेटे मृत्युंजय गुप्ता ने UPSC में फहराई सफलता की विजय पताका

पूर्वांचल की पवित्र मिट्टी से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे चकिया, जनपद चंदौली और उत्तर प्रदेश का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है। बेसिक शिक्षा परिवार के होनहार पुत्र मृत्युंजय गुप्ता (पुत्र ? शैलेश गुप्ता) ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा UPSC 2026 में 726वीं रैंक प्राप्त कर इतिहास रच दिया है।

यह केवल एक परीक्षा में सफलता की खबर नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, संस्कार, मेहनत और सपनों की जीत की प्रेरणादायक कहानी है।

कहते हैं कि अगर घर में शिक्षा का वातावरण हो, तो सपनों की उड़ान और भी ऊँची हो जाती है। मृत्युंजय गुप्ता उसी परंपरा के उज्ज्वल उदाहरण हैं। उनके पिता श्री शैलेश गुप्ता बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं और वर्तमान में मुजफ्फरपुर कंपोजिट विद्यालय में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। इससे पहले वे ABRC के रूप में भी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।

इतना ही नहीं, मृत्युंजय के दादा श्री गिरजा गुप्ता भी शिक्षक थे। यानी यह परिवार पीढ़ियों से शिक्षा की मशाल जलाने वाला परिवार रहा है। ऐसे वातावरण में पले-बढ़े मृत्युंजय के मन में बचपन से ही बड़ा बनने और समाज के लिए कुछ करने का सपना था।

मृत्युंजय बचपन से ही अत्यंत मेधावी छात्र रहे। पढ़ाई के प्रति उनकी लगन और अनुशासन देखकर शिक्षकों को भी विश्वास था कि यह छात्र एक दिन जरूर बड़ा मुकाम हासिल करेगा। अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने देश की कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Advanced को शानदार तरीके से उत्तीर्ण किया और देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT Delhi में Computer Science से B.Tech करने का गौरव प्राप्त किया।

IIT जैसे संस्थान से पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके सामने बड़े-बड़े कॉरपोरेट अवसर थे, लेकिन उनके मन में केवल एक ही विचार था ?

देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करना है।

इसी संकल्प ने उन्हें प्रशासनिक सेवा की ओर प्रेरित किया। उन्होंने तय किया कि वे संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा देकर देश की सेवा करेंगे।

UPSC को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। हर वर्ष लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही लोगों को मिलती है। ऐसे में पहले ही प्रयास में इस परीक्षा को पास करना असाधारण उपलब्धि मानी जाती है।

मृत्युंजय गुप्ता ने अपनी अटूट मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर पहले ही प्रयास में UPSC 2026 को क्रैक कर 726वीं रैंक हासिल कर ली।

जैसे ही यह खबर चकिया और आसपास के क्षेत्रों में पहुँची, खुशी की लहर दौड़ गई। शिक्षक साथियों, स्थानीय नागरिकों, युवाओं और छात्रों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया।

लोगों का कहना है कि यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि छोटे कस्बों के सपने भी बड़े होते हैं और अगर मेहनत सच्ची हो तो सफलता जरूर मिलती है।

पिता शैलेश गुप्ता के लिए यह पल भावुक कर देने वाला था। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने बेटे को ईमानदारी, अनुशासन और मेहनत का रास्ता दिखाया। आज वही संस्कार उसे देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा तक ले जा रहे हैं।

आज यह धारणा भी टूटती नजर आ रही है कि शिक्षक का बेटा केवल शिक्षक ही बनेगा। अब शिक्षक के बच्चे

इंजीनियर, वैज्ञानिक, डॉक्टर और प्रशासनिक सेवाओं में भी अपना परचम लहरा रहे हैं।

मृत्युंजय गुप्ता की सफलता इस बदलते भारत की प्रेरणादायक तस्वीर है। यह कहानी हर उस छात्र के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहर या साधारण परिवार से आता है लेकिन बड़े सपने देखने की हिम्मत रखता है।

आज चकिया की गलियों में गर्व की चर्चा है, शिक्षकों के चेहरों पर मुस्कान है और युवाओं के दिलों में एक नई प्रेरणा जन्म ले चुकी है।

खबरी न्यूज परिवार की ओर से IAS चयनित मृत्युंजय गुप्ता को हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ।

हम आशा करते हैं कि वे प्रशासनिक सेवा में जाकर देश, समाज और जरूरतमंद लोगों के लिए उत्कृष्ट कार्य करेंगे और अपने क्षेत्र का नाम इसी तरह रोशन करते रहेंगे।

✨ सच ही कहा गया है ?

?मेहनत की राह पर चलने वाले ही इतिहास लिखते हैं।?

आज चकिया का यह होनहार बेटा पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गया है।