समन्वित शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य का आधार है खेल :-प्रो बृजेन्द्र सिंह, कुलपति 

कादीपुर, सुल्तानपुर :-

कर्मयोगी स्व.पं.रामकिशोर त्रिपाठी स्मृति दो-दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता

संत तुलसीदास पीजी कॉलेज कालेज में स्वर्गीय पंडित रामकिशोर त्रिपाठी की स्मृति में आयोजित वार्षिक द्विदिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए डॉ राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो बृजेन्द्र सिंह ने कहा कि खेल , छात्र छात्राओ के समन्वित स्वास्थ्य वर्धन का आधार है। खेल न केवल शारीरिक फिटनेस बढ़ाते हैं, बल्कि मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक स्वास्थ्य को भी संतुलित रूप से विकसित करते हैं, जिससे व्यक्ति का समन्वित स्वास्थ्य वृद्धि होती है। खेल शारीरिक स्वास्थ्य का प्रमुख आधार हैं। नियमित खेलकूद से हृदय मजबूत होता है, रक्त संचार बेहतर होता है, मांसपेशियां और हड्डियां दृढ़ बनती हैं, मोटापा नियंत्रित रहता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इससे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग जैसी बीमारियों से बचाव होता है। खेलकूद से एंडोर्फिन हार्मोन निकलता है, जो तनाव, चिंता और अवसाद को कम करता है। एकाग्रता, निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ता है। हार-जीत से जीवन की वास्तविकताओं को स्वीकार करना सीखते हैं। सामाजिक स्तर पर खेल समन्वय और टीम वर्क सिखाते हैं। सहयोग, अनुशासन, नेतृत्व, धैर्य और आपसी सम्मान जैसे गुण विकसित होते हैं। इससे संबंध मजबूत होते हैं और सामाजिक बंधन बढ़ता है। क्रीड़ा प्रतियोगिता को सम्बोधित करते हुए प्रबन्धक सौरभ तिवारी ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक तीनों आयामों में स्वास्थ्य वर्धन का सबसे प्रभावी और प्राकृतिक माध्यम है। इसलिए कहा जाता है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है, और खेल इस समन्वित स्वास्थ्य का मजबूत आधार प्रदान करते हैं। क्रीड़ाप्रभारी नीरज तिवारी के अनुसार द्विदिवसीय क्रीड़ा प्रतियोगिता के अन्तर्गत दिनांक 27.02.2026 एवं 28.02.2026 में दौड़, लम्बीकूद, डिस्कसथ्रो, कबड्डी, खो-खो, शार्टपुट आदि खेल सम्पन्न होंगे। प्राचार्य प्रो आर एन सिंह ने वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के अवसर पर आये हुए अतिथियों व प्रतिभागियों के प्रति आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य प्रो इन्दुशेखर उपाध्याय, डॉ जितेन्द्र कुमार तिवारी, प्रो आदित्य नारायण त्रिपाठी, डॉ सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु, मथुरा प्रसाद सिंह जटायू, कृष्ण कुमार सिंह सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाएं, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।