मुख्यमंत्री का स्वच्छ राजस्थान का सपना होगा साकार, ब्रांड एंबेसडर गुप्ता ने निकायों को दिया एक्शन प्लान

संवाददाता - संतोष व्यास

भरतपुर/डूंगरपुर। मुख्यमंत्री के विकसित, समृद्ध और स्वच्छ राजस्थान के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए स्वच्छता के प्रदेश ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता अब एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। मंगलवार को भरतपुर नगर निगम सभागार में जिले के सभी शहरी निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में गुप्ता ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिस तरह महाराजा सूरजमल की दृढ़ इच्छाशक्ति से अजेय 'लोहगढ़ दुर्ग' का निर्माण हुआ, उसी तर्ज पर अधिकारी अपनी इच्छाशक्ति जगाएं ताकि भरतपुर स्वच्छता के क्षेत्र में भी एक 'अभेद' मिसाल कायम कर सके।

- ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण: खामियों पर जताई नाराजगी

बैठक से पूर्व ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने शहर की जमीनी हकीकत टटोली। उन्होंने कचरा निस्तारण केंद्र (ट्रेंचिंग ग्राउंड), मुख्य सड़कों और विभिन्न वार्डों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एमआरएफ फैसिलिटी (MRF Center) के संचालन में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुराने कचरे का निस्तारण और एमआरएफ केंद्र को जल्द सुदृढ़ किया जाए ताकि शहर में गंदगी के ढेर नजर न आएं। सीवरेज लाइन के कारण खुदी सड़कों और आमजन को हो रही परेशानियों को लेकर उन्होंने दो टूक कहा कि ऐसी समस्याओं का निस्तारण 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

- तकनीक और मॉनिटरिंग पर जोर : बनेगा 'स्वच्छता व्हाट्सएप ग्रुप'

नगर निगम सभागार में डीडीआर रीछपाल सिंह बुरडक, निगम सचिव विजय प्रताप सिंह और अन्य ईओ व सफाई निरीक्षकों की उपस्थिति में गुप्ता ने स्वच्छता के छोटे लेकिन प्रभावी गुर सिखाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कचरा संग्रहण की निगरानी जियो टैगिंग और जीपीएस के माध्यम से की जाए। शहर की स्वच्छता व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए उन्होंने तत्काल एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए, जिसमें अधिकारी प्रतिदिन बाग-बगीचों की सफाई, नाइट स्वीपिंग, शौचालयों की स्थिति और सड़क मरम्मत की 'जियो टैग' फोटो साझा करेंगे। इस ग्रुप की मॉनिटरिंग स्वयं गुप्ता करेंगे।

- खाली प्लॉटों पर जुर्माना और वार्ड स्तर पर कमेटियां

स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने के लिए के.के. गुप्ता ने 'प्रैक्टिकल वर्किंग' पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहर में खाली पड़े भूखंडों पर गंदगी मिलने पर मालिकों से भारी जुर्माना वसूला जाए। साथ ही, प्रत्येक वार्ड की निगरानी के लिए दो व्यक्तियों की एक विशेष टीम गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो सीधे वार्डों की सफाई रिपोर्ट देंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा, "आप धरातल पर उतरकर काम शुरू करें, जनता अपने आप जुड़ती चली जाएगी।" बैठक के अंत में निगम सचिव ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए स्वच्छता मानकों को शत-प्रतिशत पूरा करने का आश्वासन दिया।