हिम्मतनगर–खेड़ब्रह्मा नवनिर्मित ब्रॉड गेज रेलखंड का 25 केवी ए.सी. विद्युतीकरण पूर्ण, विद्युत ट्रेन परिचालन को मिली मंजूरी

हिम्मतनगर?खेड़ब्रह्मा नवनिर्मित ब्रॉड गेज रेलखंड का 25 केवी ए.सी. विद्युतीकरण पूर्ण, विद्युत ट्रेन परिचालन को मिली मंजूरी

पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मण्डल के हिम्मतनगर और खेड़ब्रह्मा को जोड़ने वाली ऐतिहासिक मीटर गेज रेलवे लाइन, जो एक सदी से भी अधिक समय से साबरकांठा क्षेत्र की जीवनरेखा रही थी, अब आधुनिक ब्रॉड गेज रूप में पुनः खुलने जा रही है। हिम्मतनगर से खेड़ब्रह्मा के बीच 55.672 किमी नवनिर्मित ब्रॉड गेज रेलखंड का 25 केवी, 50 हर्ट्ज, ए.सी. इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन प्रणाली के साथ इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।

हिम्मतनगर?खेड़ब्रह्मा मीटर गेज सेक्शन पर 01 जनवरी 2017 से रेल यातायात बंद किया गया था। इस के उपरांत हिम्मतनगर?खेड़ब्रह्मा गेज परिवर्तन परियोजना, जो गुजरात के साबरकांठा ज़िले में 55 किमी से अधिक की दूरी को कवर करती है, इस परियोजना को 2 जून 2022 को ₹482 करोड़ की लागत से स्वीकृति मिली थी। माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा 18 जून 2022 को इस गेज परिवर्तन का शिलान्यास किया था जिसे लगभग 3 साल के रिकॉर्ड समय पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

पश्चिम रेलवे के प्रमुख मुख्य इलैक्ट्रिक इंजीनियर (PCEE) रजनीश कुमार गोयल, IRSEE द्वारा 28 जनवरी 2026 को इस सेक्शन को यात्री एवं मालगाड़ी सेवाओं के लिए विद्युत इंजनों के संचालन हेतु अधिकृत कर दिया गया है।

इस खंड पर ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE), ट्रैक्शन सब-स्टेशन, सेक्शनिंग एवं पैरेललिंग पोस्ट, बॉन्डिंग एवं अर्थिंग व्यवस्था तथा सिग्नलिंग एवं दूरसंचार प्रणालियों के साथ समन्वय जैसे सभी तकनीकी कार्य पूर्ण किए गए हैं। इस सेक्शन पर 08 जनवरी 2026 को इलेक्ट्रिक लोको का सफल ट्रायल किया गया था। PCEE एवं अहमदाबाद मंडल तथा निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विस्तृत निरीक्षण के उपरांत रेलवे (Opening for Public Carriage of Passengers) नियम के प्रावधानों के अंतर्गत इस खंड को विद्युत परिचालन हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस खंड पर विद्युत इंजन का सफल परीक्षण भी किया गया, जिसमें ओएचई, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, टर्नआउट, क्रॉसओवर तथा अन्य सुरक्षा एवं संरक्षा प्रणालियों की कार्यक्षमता ठीक पाई गई।

इस विद्युतीकरण से ईंधन की बचत, पर्यावरण संरक्षण, माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि, यात्री गाड़ियों की बेहतर गति एवं त्वरण तथा परिचालन लागत में कमी जैसे महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होंगे, जिससे क्षेत्र में सुरक्षित, कुशल एवं हरित रेल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना से क्षेत्र में रेल परिचालन अधिक आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल एवं ऊर्जा दक्ष बनेगा, जिससे यात्रियों को बेहतर सेवा एवं माल परिवहन को गति मिलेगी।