श्रद्धालुओं के लिए प्राचीन गुफा के कपाट फिर खोले गए

कटड़ा। धर्मनगरी सहित मां वैष्णो देवी के दरबार में बुधवार को मां वैष्णो देवी की यात्रा ने एक बार फिर गति पकड़ ली। चार दिन के अंतराल के बाद बुधवार को श्रद्धालुओं के लिए प्राचीन गुफा फिर से खोली गई। इससे उत्साह देखने को मिला। श्राइन बोर्ड ने सुबह 10 बजे प्राचीन गुफा दर्शन के लिए खोली जो दोपहर 12:30 बजे तक खुली रही। ढाई घंटे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्राचीन गुफा में प्रवेश कर मां वैष्णो देवी के दिव्य दर्शन किए। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण दोपहर बाद पवित्र गुफा को फिर बंद कर दिया गया।

धर्मनगरी में बुधवार दोपहर तक तेज धूप खिली रही। बर्फीली हवाएं लगातार चलती रहीं लेकिन श्रद्धालु गर्म कपड़ों में परिवार सहित निरंतर यात्रा करते नजर आए। गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित तीन दिवसीय अवकाश के चलते यात्रा में भारी भीड़ उमड़ी थी। उस दौरान प्रतिदिन 35 हजार से 45 हजार श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंच रहे थे। अवकाश समाप्त होने के बाद यात्रा में गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में रोज 15 हजार से 20 हजार श्रद्धालु यात्रा पर आ रहे हैं। बीते 27 जनवरी को 15,000 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के दर्शन किए। बुधवार शाम पांच बजे तक करीब 13 हजार श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। यात्रा मार्गों पर आपदा प्रबंधन दल, श्राइन बोर्ड प्रशासन, पुलिस, सीआरपीएफ के अधिकारी-जवान और सफाई कर्मचारी पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। मां वैष्णो देवी के दर्शन के बाद श्रद्धालु बड़ी संख्या में भैरव घाटी पहुंचकर बाबा भैरवनाथ के चरणों में माथा टेकते हुए अपनी यात्रा पूर्ण कर रहे हैं। शिक्षण संस्थानों में परीक्षाओं के चलते फरवरी में यात्रा में और कमी आने की संभावना जताई जा रही है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं को दिन-रात प्राचीन गुफा में दर्शन का अवसर मिलने की उम्मीद है।