पद्म भूषण मार्क टुली का भारतीय पत्रकारिता में अतुलनीय योगदान – मनोज अलीगढ़ी

अलीगढ़।भारत की आवाज पत्रकार मार्क टुली नहीं रहे 90 वर्ष की उम्र में उन्होंने उपचार केदौरान आखिरी सांस ली भारत सरकार द्वारा उनके कार्यों की सराहना करते हुए 1992, 2005 और
पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण से सम्मानित किया जाने माने चर्चित फोटो जर्नलिस्ट मनोज अलीगढ़ी ने बताया कि भारत की जब भी अंतर्राष्ट्रीय कवरेज होती थी तो उनसे समय समय पर
दिशा निर्देशन लिया जाता रहा
उनके द्वारा लगभग 100 से अधिक प्रकाशनों में फोटो पत्रकार के रूप में एपी, रायटर, बीबीसी हिंदी उर्दू, द हिंदू तमिल, द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस, टेलीग्राफ हेराल्ड, वीओए (वॉयस ऑफ अमेरिका), सैन फ्रांसिस्को क्रॉनिकल, डेली इंडिपेंडेंट,
अलजज़ीरा, आयरिश एग्ज़ामिनर, सीएनबीसी, द फ्रेडरिक न्यूज़ पोस्ट (मेरिलैंड), द क्रिश्चियन इंडेक्स, चाइना डेली, न्यूज़-पोस्ट, द कनाडियन प्रेस, कंबरलैंड टाइम्स-न्यूज़ (इंग्लैंड), द सिएटल टाइम्स, टाइम्स न्यूज़ (लंदन, इंग्लैंड),
एसबीएस न्यूज़ (ऑस्ट्रेलिया), एशिया सीएनए (सिंगापुर), आरएनएस रिलिजन न्यूज़ सर्विस (फ्रांस), यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ इंडिया, इंडिया टुडे, हमारा समाज उर्दू, आदि
समाचार पत्रों में समय-समय पर तस्वीर है प्रकाश होती रही है।

वरिष्ठ जर्नलिस्ट मनोज अलीगढ़ी ने बताया कि
25 जनवरी को उन्होंने आखिरी सांस ली पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 2017 में छात्र-छात्राओं को संबोधित करने के लिए आना हुआ था
जिसे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस नंबर 3 में शिष्टाचार भेंट हुई वह मुलाकात प्रेरणादाई और पत्रकारिता को नई ऊर्जा देने वाली मुलाकात सावित हुई उनके कुशल नेतृत्व बहुत सी सफलता हासिल प्राप्त किया।
पत्रकार व लेखक मार्क टुली का रविवार को 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे कुछ समय से बीमार थे।
24 अक्टूबर 1935 को कोलकाता में जन्मे मार्क टुली 22 वर्षों तक बीबीसी के नई दिल्ली ब्यूरो प्रमुख रहे। वे जुलाई 1994 से दिल्ली में स्वतंत्र पत्रकार के रूप में कार्य कर रहे थे। उन्होंने भारत और ब्रिटिश राज से लेकर आधुनिक भारत तक की कई ऐतिहासिक घटनाओं की रिपोर्टिंग की।
उन्हें वर्ष 2002 में नाइटहुड की उपाधि और 2005 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
मार्क टुली ने भारत पर कई पुस्तकें भी लिखीं। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया, इंडिया इन स्लो मोशन और द हार्ट ऑफ इंडिया शामिल हैं।

पत्रकारिता की बुलंद आवाज


मार्क टुली ने अपने कार्यकाल में दक्षिण एशिया की कई बड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग की। इनमें भारत-पाकिस्तान युद्ध, ऑपरेशन ब्लू स्टार, इंदिरा गांधी की हत्या, सिख विरोधी दंगे, भोपाल गैस त्रासदी, राजीव गांधी की हत्या और बाबरी मस्जिद विध्वंस जैसी घटनाएं शामिल हैं। उनके निधन से पत्रकारिता के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत हो गया है।