हरदोई में ग्राम सभा की जमीन पर बड़े भूमि घोटाले का आरोप, फर्जी न्यायिक आदेशों से तालाब-जंगल तक बेचे जाने की शिकायत, सरकार को हुई भारी राजस्व हानि

हरदोई। जनपद की तहसील सदर अंतर्गत ग्राम नानकगंज ग्रांट में ग्राम सभा की बेशकीमती भूमि को कथित रूप से फर्जी न्यायिक आदेशों के जरिए हड़पने और करोड़ों रुपये में बेचने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में अध्यक्ष, राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश को भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोहनपाल नामक व्यक्ति ने अपने पिता स्व. जगदीश के नाम कूट रचित आदेश तैयार कराकर तालाब, जंगल, बंजर व सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अवैध रूप से अपने व परिवार के नाम दर्ज करा लिया।
शिकायत के अनुसार, उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन अधिनियम की धारा 122-बी(4-एफ) का फर्जी और गैरकानूनी लाभ दिखाकर उपजिलाधिकारी सदर, तहसील कर्मचारियों और अन्य राजस्व अधिकारियों की कथित मिलीभगत से ग्राम सभा की जमीनों का दाखिल-खारिज कराया गया। आरोप है कि जिन जमीनों पर कभी खेती नहीं हुई और जो तालाब या जंगल के रूप में दर्ज थी, उन्हें असंक्रमणीय अथवा संक्रमणीय भूमिधर दर्शाकर प्लॉटिंग कर दी गई।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कुछ मामलों में 1975 के कथित आदेशों का हवाला दिया गया, जबकि उस समय 122-बी(4-एफ) धारा अस्तित्व में ही नहीं थी। इसके बावजूद वर्षों बाद निगरानी के नाम पर आदेशों की पुष्टि दिखाकर अभिलेखों में हेराफेरी की गई। आरोप है कि तालाब गाटा संख्या 623 समेत कई भूमि टुकड़े करोड़ों में बेचे गए, जिससे सरकार को भारी राजस्व हानि हुई।
मामले में उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ के आदेशों के अनुपालन न होने और जांच प्रभावित किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराने, फर्जी आदेश निरस्त करने और अवैध रूप से बेची गई ग्राम सभा की भूमि को पुनः सरकारी खाते में दर्ज कराने की मांग की है।