राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड 45,516 वाद निस्तारित, 8.33 करोड़ रुपये का सेटलमेंट

कासगंज। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के तत्वावधान में तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में 13 दिसंबर को जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस एक दिन की लोक अदालत में कुल 45,516 वादों का निस्तारण हुआ तथा 8 करोड़ 33 लाख 38 हजार 394.78 रुपये की कुल धनराशि का समझौता/सेटलमेंट किया गया।

लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रामेश्वर ने फीता काटकर तथा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया। इस अवसर पर परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश कृष्ण यादव, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी हरविंदर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार गंगाप्रसाद, अपर जिला जज रत्नेश कुमार श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी धनंजय कुमार मिश्रा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विजय कुमार तृतीय, बार एसोसिएशन अध्यक्ष गिरजा शंकर दुबे, अधिवक्ता सत्येंद्र पाल सिंह बेस समेत अन्य न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण तथा कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

जनपद न्यायाधीश ने लोक अदालत के साथ ही एक स्वास्थ्य शिविर का भी उद्घाटन किया, जिसमें आमजन की सामान्य जांच की गई और मुफ्त दवाएं वितरित की गईं।

विभिन्न बेंचों ने उत्साहपूर्वक मामलों का निपटारा किया। जनपद न्यायाधीश रामेश्वर ने 1 वाद, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कृष्ण यादव ने 41 वाद, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के हरविंदर सिंह ने 82 वाद निस्तारित कर 5 करोड़ 21 लाख 80 हजार 685 रुपये का अवार्ड पारित किया। अपर जिला जज रत्नेश कुमार श्रीवास्तव ने 543 वाद, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी धनंजय कुमार मिश्रा ने 3 वाद निपटाए।

इसके अलावा विशेष न्यायाधीश पोक्सो शिखा ने 7 वादों में 4 हजार रुपये अर्थदंड वसूला, अपर जिला जज अनुतोष कुमार शर्मा ने 6 वादों में 3 हजार रुपये, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुपमा सिंह ने 1582 वादों में 8 लाख 32 हजार 300 रुपये अर्थदंड वसूला। सिविल जज खान जीसान मसूद ने 6 वादों में 33 लाख 27 हजार 444.78 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार मिश्रा ने 542 वादों में 39 हजार 200 रुपये, अपर सिविल जज गिरेन्द्र सिंह ने 88 वादों में 880 रुपये, सिविल जज आशीष कुमार ने 150 वादों में 1500 रुपये, प्रथम सिविल जज पियूष मूलचंदानी ने 88 वादों में 1275 रुपये, न्यायिक मजिस्ट्रेट शालिनी सिंह-II ने 221 वादों में 23 हजार 750 रुपये, न्यायाधीश ग्राम न्यायालय पटियाली अनुराग ने 73 वादों में 4800 रुपये, द्वितीय सिविल जज वर्तिका शैलेट ने 8 वाद, प्रथम अपर सिविल जज अदिती गर्ग ने 3 वाद, तृतीय अपर सिविल जज सचिन सिंह ने 3 वादों में 1000 रुपये तथा सिविल जज आकांक्षा ने 2 वाद निस्तारित किए।

प्रशासनिक एवं राजस्व न्यायालयों ने सर्वाधिक 40,186 मामले निस्तारित किए। बैंक रिकवरी के 293 मामलों में 2 करोड़ 61 लाख 75 हजार रुपये का समझौता हुआ। स्थायी लोक अदालत ने 2 मामलों में 5 लाख रुपये, बीएसएनएल ने 14 मामलों में 19,800 रुपये तथा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने 4 मामलों में 2 लाख 23 हजार 760 रुपये का सेटलमेंट कराया।

इस प्रकार विशेष लोक अदालत की पूर्व तिथियों में 1,568 तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन 43,948 मामले निपटाकर कुल 45,516 वादों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत से हजारों पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय मिला तथा कोर्ट में लंबित मामलों का बोझ काफी हद तक कम हुआ।

बार एसोसिएशन एवं न्यायिक अधिकारियों ने लोक अदालत को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।