नए श्रम कानूनों के विरोध में बैंककर्मी सड़कों पर, काले श्रम कानून वापस लेने की मांग, हरदोई में एआईबीईए के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन

हरदोई। केंद्र सरकार द्वारा पुराने श्रम कानूनों में परिवर्तन कर नए श्रम कोड लागू किए जाने के विरोध में बुधवार को हरदोई में बैंककर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। देशव्यापी विरोध अभियान के तहत केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर बैंककर्मी एआईबीईए के बैनर तले बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए। कर्मचारियों ने पूरे दिन काला फीता बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया।
आल इंडिया बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन की राज्य इकाई ?यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन? की स्थानीय शाखा द्वारा आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में विभिन्न बैंकों के कर्मचारी दोपहर भोजनावकाश के दौरान इकट्ठा हुए और नए लेबर कोड के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने नए कानूनों को ?काले श्रम कोड? बताते हुए सरकार से इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यूनियन के जिला मंत्री राकेश पांडेय ने कहा कि श्रम कानूनों में बदलाव स्वतंत्र भारत के मजदूर वर्ग पर सबसे बड़ा और सुनियोजित हमला है। उपाध्यक्ष कौशलेंद्र शुक्ला ने आरोप लगाया कि नए श्रम कोड का उद्देश्य हड़ताल के संवैधानिक अधिकार को कमजोर करना, सामूहिक सौदेबाजी की क्षमता को सीमित करना और पूंजीपतियों के पक्ष में वातावरण तैयार करना है। उपाध्यक्ष अजय मेहरोत्रा ने कहा कि जिस तरह कृषि कानून वापस लेने पड़े, उसी तरह सरकार को नए लेबर कोड भी वापस लेने होंगे।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से अनिल कुमार, विपिन गुप्ता, राघवेंद्र श्रीवास्तव, संतोष कुमार, आशुतोष बडोला, अनुज, मुन्ना, सोनू, राहुल, अमित कुमार सहित कई बैंककर्मी मौजूद रहे।