स्वच्छता पखवाड़े में अम्बाला मंडल ने तेज की पेयजल गुणवत्ता जांच

अम्बाला। स्वच्छता पखवाड़ा के तहत अम्बाला मंडल द्वारा रेलवे स्टेशनों और रेलवे कॉलोनियों में स्वच्छता के साथ पेयजल की गुणवत्ता और शुद्धता की नियमित जांच की जा रही है। यात्रियों और कर्मचारियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य निरीक्षकों की टीम लगातार पानी के नमूने लेकर उनकी जांच कर रही है।

मंडल द्वारा पहली बार ट्रेनों के वॉश बेसिन के पानी की बैक्टीरियोलॉजिकल जांच भी कराई गई, जिसमें पानी इस्तेमाल के लिए उपयुक्त पाया गया। स्टेशनों और रेलवे कॉलोनियों में पेयजल के नमूने नियमित अंतराल पर लेकर निर्धारित मानकों के अनुसार जांच कराई जा रही है।

पानी की गुणवत्ता जांच में माइक्रोबायोलॉजिकल परीक्षण के साथ 80 पैरामीटर आधारित विस्तृत जांच भी शामिल है। इसमें पीएच, धुंधलापन, रंग, गंध, स्वाद, टीडीएस, कठोरता, कैल्शियम, मैग्नीशियम, क्लोराइड, सल्फेट, नाइट्रेट और फ्लोराइड समेत विभिन्न रासायनिक तत्वों की जांच की जाती है। इसके अलावा सीसा, आर्सेनिक, पारा, कैडमियम, क्रोमियम, आयरन, मैंगनीज, तांबा और जस्ता जैसी भारी धातुओं की भी जांच होती है।

पेयजल की शुद्धता बनाए रखने के लिए पानी की टंकियों की नियमित सफाई, पाइपलाइनों में रिसाव की जांच और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। जलापूर्ति में नियंत्रित मात्रा में क्लोरीन का उपयोग कर हानिकारक जीवाणुओं और विषाणुओं को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।

अम्बाला मंडल द्वारा स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जलापूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकता के अनुसार निवारक एवं सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।