राजभाषा पखवाड़ा के मुख्य समारोह में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में बुधवार को राजभाषा पखवाड़ा के मुख्य समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्रीय मूल्यों की अभिव्यक्ति का माध्यम है। हिंदी विविधता में एकता की भावना को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के वर्तमान दौर में हिंदी संचार और तकनीक के विभिन्न माध्यमों में निरंतर विस्तार कर रही है तथा दुनिया के कई हिस्सों में शिक्षा, साहित्य, संचार और मनोरंजन के क्षेत्र में हिंदी का प्रयोग बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तर मध्य रेलवे का कार्यक्षेत्र साहित्य और संस्कृति की समृद्ध विरासत से जुड़ा हुआ है। प्रयागराज को साहित्य एवं संस्कृति की राजधानी के रूप में भी जाना जाता है। ऐसे साहित्यिक परिवेश में कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का दायित्व है कि वे अपने कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करें। उन्होंने राजभाषा पखवाड़े के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और विभागों को बधाई दी।

मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अनिल कुमार द्विवेदी ने कहा कि भारत विविध भाषाओं और बोलियों वाला विशाल देश है और हिंदी का संवैधानिक एवं राष्ट्रीय दृष्टि से विशेष महत्व है। भारतीय रेल विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने हिंदी के विकास में संत कबीर, प्रेमचंद और निराला जैसे साहित्यकारों के योगदान का उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे में हिंदी के प्रयोग और प्रसार को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से हिंदी कार्यशालाएं, हिंदी कुंजीयन कार्यशालाएं, संगोष्ठियां, साहित्यिक कार्यक्रम, काव्य पाठ और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। राजभाषा के प्रयोग एवं प्रगति की समीक्षा के लिए राजभाषा प्रदर्शनी भी लगाई गई। उन्होंने बताया कि हिंदी में उत्कृष्ट कार्य के लिए उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, प्रयागराज का चल वैजयंती का द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

समारोह में उत्तर मध्य रेलवे की सांस्कृतिक टीम ने सरस्वती वंदना की सांगीतिक प्रस्तुति दी। इसके बाद ?संत कबीर का ताना-बाना? शीर्षक रागबद्ध नृत्य नाटिका का प्रभावशाली मंचन किया गया। विभागों द्वारा हिंदी में किए जा रहे कार्यों पर आधारित आकर्षक राजभाषा प्रदर्शनी भी लगाई गई।

राजभाषा प्रदर्शनी में वैगन मरम्मत कारखाना, झांसी को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनी की शील्ड प्रदान की गई। सिगनल एवं दूरसंचार विभाग को द्वितीय तथा रेल सुरक्षा बल विभाग को तृतीय पुरस्कार मिला। इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और हिंदी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 89 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। महाप्रबंधक ने राजभाषा पखवाड़े की प्रतियोगिताओं में निर्णायक के रूप में उल्लेखनीय योगदान देने वाले तथा हिंदी के प्रसार में सहयोग करने वाले अधिकारियों को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम में अपर महाप्रबंधक राजकुमार वानखेड़े, सभी प्रधान विभागाध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। उप मुख्य राजभाषा अधिकारी डॉ. गरिमा त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापित किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया।स्लग: राजभाषा पखवाड़े में हिंदी के प्रयोग पर जोर