मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग, कासगंज में अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन

कासगंज। जिला कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के चेयरमैन सत्येंद्र पाल सिंह बैस एडवोकेट के नेतृत्व में शुक्रवार, 25 सितंबर को अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित मनमाने आचरण और नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया गया। अधिवक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके खिलाफ नारेबाजी की और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने हाथों में पंपलेट लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध जताया। पंपलेट पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाओ, देश बचाओ, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र का हत्यारा है, सजा दो-सजा दो, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र का गला काटा है, वह कातिल है, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार वोट चोरी कर सत्ता चोरी करा रहा है, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र पर धब्बा है, इस्तीफा दो-इस्तीफा दो और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सरकार की कठपुतली है जैसे नारे लिखे थे।

जिला कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के चेयरमैन सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने कहा कि भारत के मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता चुनाव आयुक्त के नाम पर कलंक हैं और वह सरकार की कठपुतली बनकर काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने सरकार की मिलीभगत से देश में 13 करोड़ वोट कटवाकर कई राज्यों में सत्ता चोरी कराई है, जो लोकतंत्र की हत्या है।

बैस ने आगे आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने सरकार के कहने पर स्वयं निर्णय लिए। दोनों सहचुनाव आयुक्तों ने उनके इन निर्णयों पर 14 बार आपत्तियां कीं, लेकिन उन आपत्तियों को दरकिनार कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने सरकार के लिए वोट चोरी कराकर सत्ता चोरी कराई।

सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने कहा कि भारत की जनता जाग चुकी है। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और देश में ऐसे अलोकतांत्रिक एवं तानाशाह मुख्य चुनाव आयुक्त की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से स्वयं इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही कहा कि ऐसा नहीं होने पर भारत की जनता उन्हें इस्तीफा देने के लिए विवश कर देगी।

प्रदेश सचिव धर्मेश शर्मा ने कहा कि मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त लोकतंत्र पर धब्बा हैं। उन्हें तत्काल प्रभाव से अपने पद से हट जाना चाहिए।

विरोध प्रदर्शन में होडिल सिंह वर्मा, फिरोज खान, प्रमोद कुमार सक्सेना, मोहम्मद यासीन, मोहम्मद अयाज, नरेंद्र शर्मा, संजय बघेल, अंकित मिश्रा, विनोद कुमार यादव, कृष्णकांत शर्मा, शशिकांत पचौरी, अभिषेक कुमार सिंह, राज, शिवांशु यादव, विकास यादव, विकास सिंह सोलंकी, अनमोल, मोहम्मद खालिद अली, प्रदीप कुमार, संजीव कुमार, अयोध्या प्रसाद, जितिन मौर्य, अश्वनी कुमार और रामेश्वर सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।