मध्य रेल के 16 कर्मचारियों को सुरक्षा पुरस्कार, सतर्कता और सूझबूझ से टाले संभावित हादसे

मुंबई। यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन में उत्कृष्ट सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा, सूझबूझ और समय पर कार्रवाई करने वाले मध्य रेल के 16 कर्मचारियों को महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने 7 सितंबर 2026 को सुरक्षा पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

महाप्रबंधक ने कर्मचारियों की सजगता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान उनकी समय पर की गई कार्रवाई से संभावित दुर्घटनाओं को टालने में मदद मिली और यात्रियों, रेल कर्मचारियों तथा रेल परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। प्रत्येक पुरस्कार में पदक, प्रशंसा प्रमाण पत्र, उत्कृष्ट सुरक्षा कार्य का प्रशस्ति-पत्र और नकद पुरस्कार शामिल है।

मुंबई मंडल के सात कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इनमें राहुल बागुल ने कलंबोली यार्ड में मालगाड़ी के एक डिब्बे से गैस रिसाव को समय रहते पहचानकर सूचना दी, जिसके बाद रिसाव बंद कराया गया। बी. ई. डी'सूजा ने चलती ट्रेन में गिरकर फंसे दिव्यांग यात्री को तत्काल बचाकर उसकी जान बचाई। ट्रेन प्रबंधक संतोष जाधव ने पटरी के किनारे लोहे के डिब्बे से टकराव की घटना को पहचानकर ट्रेन रोक दी। ट्रैक अनुरक्षक केतन लाहू धुले और स्वप्निल दीपक चहुरपगारे ने रेलवे लाइन पर गिरे बड़े पत्थरों को देखकर समय रहते लाइन को सुरक्षित किया।

डोंबिवली की वरिष्ठ टिकट परीक्षक वृषाली वैभव सावंत जाधव ने डोंबिवली स्टेशन पर उतरते समय गिरकर यात्रियों के पैरों के नीचे आ गई महिला यात्री को तत्काल उठाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उन्होंने प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करने के साथ महिला को अस्पताल भेजने में भी मदद की।

भुसावल मंडल के चार कर्मचारियों को सुरक्षा पुरस्कार मिला। अर्चना पाटील ने पाचोरा स्टेशन पर ट्रेन के डिब्बे से धुआं निकलता देखकर तत्काल लाल संकेत देकर ट्रेन रोक दी। रिंकू राम बेरवा ने अकोला स्टेशन पर गुजर रही ट्रेन के डिब्बे से बाहर निकले ढीले लोहे के हिस्से को देखकर सूचना दी। लोको पायलट शंटर योगेश इंगले ने रेल पटरी पर पड़ा भारी लोहे का प्लेट देखकर ट्रेन रोक दी। वहीं रिजवान शेख एहसान ने मालगाड़ी के टूटे कपलिंग हिस्से को पहचानकर समय रहते संबंधित अधिकारियों को सूचित किया।

नागपुर मंडल के दो कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। उप स्टेशन प्रबंधक मछिंद्र परशुराम भगत ने मालगाड़ी के कंटेनर के ऊपर चढ़े एक व्यक्ति को 25 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन के खतरे से बचाने के लिए तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराई और आरपीएफ व अन्य कर्मचारियों की मदद से उसे सुरक्षित नीचे उतारा। ट्रेन प्रबंधक अखिलेश कुमार चौरसिया ने ट्रेन के पावर कार के विद्युत पैनल से धुआं निकलने पर ट्रेन रुकवाकर अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाया।

पुणे मंडल के चार कर्मचारियों को सुरक्षा पुरस्कार प्रदान किए गए। स्टेशन प्रबंधक भारत कुमार ने मालगाड़ी के एक डिब्बे में ब्रेक जाम होने से पहियों के लाल होने की स्थिति देखकर ट्रेन रोक दी। स्टेशन मास्टर विक्रम सक्सेना ने भी मालगाड़ी के पहियों से धुआं निकलने और उनके अत्यधिक गर्म होने की स्थिति को पहचानकर तत्काल ट्रेन रुकवाई। तकनीशियन पंकज पासवान ने मालगाड़ी के एक डिब्बे में कपलिंग के टूटे हिस्से को पहचानकर सूचना दी। आरपीएफ के प्रधान आरक्षक जितेंद्र युवराज महाजन ने पुणे स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रही महिला यात्री को तत्काल बचाकर सुरक्षित किया।

मध्य रेल के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने सभी पुरस्कार प्राप्त कर्मचारियों की सतर्कता, कर्तव्य के प्रति समर्पण और सूझबूझ की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कर्मचारियों की सजगता सुरक्षित रेल परिचालन की मजबूत कड़ी है। इस अवसर पर मध्य रेल के प्रमुख विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।