बाढ़ का पानी घटा, कीचड़ ने बढ़ाई ग्रामीणों की दुश्वारियां

आलापुर (अंबेडकरनगर)। बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने से जहां ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, वहीं अब सड़क और रास्तों पर जमा कीचड़ ने उनकी दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। बाढ़ प्रभावित गांव माझा कम्हरिया में कल्लू के पुरवा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के पास बंधे को मुख्य सड़क से जोड़ने वाले मार्ग पर भारी मात्रा में कीचड़ जमा है। इससे ग्रामीणों, राहगीरों और सबसे अधिक स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि इस मार्ग पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है।

बताया जाता है कि इस मार्ग से प्रतिदिन करीब एक हजार लोगों का आवागमन होता है। कुछ दूरी पर घाट होने के कारण भी बड़ी संख्या में ग्रामीण इसी रास्ते से आते-जाते हैं। बाढ़ के पानी के साथ बहकर आई मिट्टी और गंदगी सड़क पर जमा होने से रास्ता दलदल में तब्दील हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर कीचड़ होने के कारण दोपहिया वाहन तो दूर, पैदल निकलना भी मुश्किल है।

कीचड़ से होकर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे

सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। विद्यालय जाने वाले बच्चे प्रतिदिन इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरने को मजबूर हैं। बच्चों के कपड़े और जूते कीचड़ में सन जा रहे हैं। कई स्थानों पर फिसलन इतनी अधिक है कि गिरने का खतरा बना रहता है। अभिभावकों को भी बच्चों को स्कूल भेजने में चिंता बनी रहती है।

संक्रमण और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा

निचले इलाकों में अभी भी जलभराव होने के कारण ग्रामीणों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। बाढ़ के बाद जगह-जगह गंदगी और कीचड़ जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। इससे संक्रमण जनित बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार जलभराव वाले स्थानों और झाड़ियों में जहरीले जीव-जंतुओं का भी खतरा बना हुआ है। पशुओं के लिए चारे की समस्या भी ग्रामीणों के सामने खड़ी है।