डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बना माल परिवहन में बदलाव की अहम कड़ी, राजस्थान से गुजरता है 567 किमी लंबा मार्ग

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बना माल परिवहन में बदलाव की अहम कड़ी, राजस्थान से गुजरता है 567 किमी लंबा मार्ग

जयपुर। देश में माल परिवहन व्यवस्था को तेज, सुरक्षित और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मालगाड़ियों के लिए समर्पित रेल नेटवर्क उपलब्ध होने से लंबी दूरी तक माल की तेज आवाजाही संभव हुई है। इससे परिवहन समय और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी के साथ मौजूदा रेल मार्गों पर यात्री ट्रेनों के लिए भी अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध हो रही है।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के कारण माल ढुलाई की क्षमता बढ़ने के साथ रेलवे की परिचालन दक्षता में भी सुधार हुआ है। इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन से मालगाड़ियों का संचालन होने से ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर गति शक्ति कार्गो टर्मिनल, लॉजिस्टिक्स पार्क और बहु-माध्यम परिवहन सुविधाओं के विकास से उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

राजस्थान से गुजरता है देश का सबसे लंबा फ्रेट कॉरिडोर खंड

राजस्थान के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का विशेष महत्व है। रेवाड़ी से पालनपुर के बीच राजस्थान से होकर गुजरने वाला पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर करीब 567 किलोमीटर लंबा है। यह किसी एक राज्य से होकर गुजरने वाला डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का सबसे लंबा खंड है।

इस कॉरिडोर से जयपुर, अजमेर, पाली और जोधपुर सहित राजस्थान के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को तेज और विश्वसनीय माल परिवहन सुविधा मिल रही है। कपड़ा, सिरेमिक, मार्बल और अन्य विनिर्माण उद्योगों के लिए यह नेटवर्क माल को देश के विभिन्न बाजारों और बंदरगाहों तक पहुंचाने में अहम साबित हो रहा है।

यात्री ट्रेनों के लिए भी बढ़ी क्षमता

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रमुख उद्देश्य मालगाड़ियों को यात्री ट्रेनों के लिए व्यस्त मौजूदा रेल मार्गों से अलग करना है। इससे मालगाड़ियों के लिए अलग और उच्च क्षमता वाला मार्ग उपलब्ध होता है, जबकि मौजूदा रेल नेटवर्क पर यात्री ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त क्षमता मिलती है। इससे यात्री ट्रेनों के समयपालन में सुधार और रेल यात्रा को अधिक सुगम बनाने में मदद मिल रही है।

वर्तमान में 1,337 किलोमीटर लंबा पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पंजाब के न्यू सहनेवाल से बिहार के न्यू सोननगर तक तथा 1,506 किलोमीटर लंबा पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के न्यू दादरी से महाराष्ट्र के न्यू जेएनपीटी तक माल परिवहन सेवाओं को मजबूत कर रहा है।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का होगा और विस्तार

बजट 2026-27 में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए पश्चिम बंगाल के डानकुनि से गुजरात के सूरत तक 2,052 किलोमीटर लंबे नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई है। इसके निर्माण से देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच माल परिवहन संपर्क को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का विस्तार देश की माल परिवहन व्यवस्था को नई दिशा दे रहा है। इससे उद्योगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी, व्यापार को गति, निर्यात को बढ़ावा और रोजगार के नए अवसर मिलने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। राजस्थान सहित पूरे देश के औद्योगिक और आर्थिक विकास में यह आधुनिक रेल नेटवर्क आने वाले समय में महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे के रूप में अपनी भूमिका निभाएगा।