जम्मू के औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास को मिलेगी नई गति, उत्तर रेलवे और उद्योग विभाग ने मिलाया हाथ

जम्मू के औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास को मिलेगी नई गति, उत्तर रेलवे और उद्योग विभाग ने मिलाया हाथ

राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के लक्ष्यों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक, माल ढुलाई की लागत और परिवहन समय कम करने पर मंथन

जम्मू। जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक विकास और माल परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक एवं किफायती बनाने की दिशा में उत्तर रेलवे और उद्योग एवं वाणिज्य निदेशालय ने महत्वपूर्ण पहल की है। शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को जम्मू में दोनों विभागों के बीच उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। इसमें क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत बनाने, माल ढुलाई की मौजूदा सुविधाओं की समीक्षा और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य स्थानीय विनिर्माण इकाइयों, उद्योग विभाग और भारतीय रेलवे के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना था, ताकि राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। इसके तहत परिवहन समय और लॉजिस्टिक्स लागत कम करने के साथ-साथ मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में उत्तर रेलवे जम्मू मंडल की ओर से वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल तथा उद्योग एवं वाणिज्य निदेशालय की ओर से निदेशक डॉ. अरुण मनहास ने नेतृत्व किया। दोनों अधिकारियों ने उद्योगपतियों और व्यापारियों से सीधे संवाद कर उनकी परिचालन संबंधी समस्याओं पर चर्चा की और भविष्य में बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार करने पर विचार किया।

औद्योगिक संगठनों और व्यापारियों ने रखे सुझाव

बैठक में जम्मू, सांबा, कठुआ और उधमपुर के जिला उद्योग केंद्रों के महाप्रबंधकों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष तरुण सिंगला सहित प्रमुख उद्योगपतियों, व्यापारिक प्रतिनिधियों और लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों ने औद्योगिक क्षेत्र की जरूरतों और प्राथमिकताओं को सामने रखा।

इस दौरान रेलवे की वर्तमान और आगामी माल ढुलाई क्षमताओं पर प्रस्तुतियां दी गईं। भविष्य के कार्गो टर्मिनल, समर्पित औद्योगिक साइडिंग और कागजरहित डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली को पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान से जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों तक अंतिम छोर तक निर्बाध परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।

पार्सल बुकिंग पर मिलेगी विशेष रियायत

बैठक में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने रेलवे की माल ढुलाई नीतियों की जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई एग्रीगेटर, व्यापारी या लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता जेपीपी-आरसीएस ट्रेनों में दोनों दिशाओं के लिए पार्सल कोच की अग्रिम बुकिंग करता है तो उसे आने-जाने का कुल किराया सामान्य दर का केवल 1.5 गुना देना होगा। यानी वापसी यात्रा के किराये में 50 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही रेलवे की ट्रांसशिपमेंट नीति के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।

रो-रो सेवा से आसान होगा माल परिवहन

बैठक में अगस्त 2026 में लागू की गई भारतीय रेलवे की रोल ऑन-रोल ऑफ (रो-रो) नीति पर भी प्रकाश डाला गया। इस व्यवस्था के तहत माल से लदे व्यावसायिक ट्रकों को सीधे विशेष रेलवे फ्लैट वैगनों पर चढ़ाकर लंबी दूरी तक रेल मार्ग से पहुंचाया जाता है। गंतव्य पर ट्रकों को उतारकर आगे की डिलीवरी की जा सकती है।

नई नीति में पारंपरिक प्रति वैगन गणना के स्थान पर दूरी आधारित प्रति टन-किलोमीटर के आधार पर मालभाड़ा निर्धारित किया गया है। इससे माल परिवहन को अधिक प्रतिस्पर्धी, पारदर्शी और किफायती बनाने में मदद मिलेगी।

रेलवे और उद्योग विभाग की इस संयुक्त पहल से जम्मू-कश्मीर के औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर माल परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में नए अवसर खुलने की उम्मीद है।