जनपद के पशु चिकित्सकों को वर्गीकृत कृत्रिम गर्भाधान का दिया गया विशेष प्रशिक्षण

देवरिया। पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं की नस्ल सुधार और अधिक से अधिक मादा बछिया/पड़िया पैदा करने के उद्देश्य से वर्गीकृत वीर्य के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में गोरखपुर के एनेक्सी भवन में मंडल स्तरीय एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर निदेशक ग्रेड-2, पशुपालन विभाग, गोरखपुर मंडल डॉ. वेद प्रकाश ने की।प्रशिक्षण में एबीएस कंपनी के विशेषज्ञों द्वारा वर्गीकृत वीर्य स्ट्रॉ के उपयोग से कृत्रिम गर्भाधान करने की आधुनिक तकनीकों, सावधानियों और रख-रखाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्गीकृत वीर्य के प्रयोग से कृत्रिम गर्भाधान की सफलता दर बढ़ेगी और 90 प्रतिशत तक मादा बछिया पैदा होने की संभावना रहती है।मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जनपद में कृत्रिम गर्भाधान के कार्य में वर्गीकृत वीर्य स्ट्रॉ के अधिक से अधिक उपयोग को बढ़ावा देना है। इससे न केवल पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि भविष्य में छुट्टा पशुओं की समस्या में भी कमी आएगी, क्योंकि मादा पशुओं की संख्या बढ़ने से पशुपालक नर पशुओं को छोड़ने से बचेंगे।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद देवरिया से उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ओमप्रकाश प्रजापति, डॉ. दिग्विजय यादव, डॉ. सतीश, डॉ. सुनील कुमार, पशुधन प्रसार अधिकारी निशाकान्त तिवारी, पंकज शाही, अशोक कुमार सहित जिले के सभी पशु चिकित्साधिकारी एवं पशुधन प्रसार अधिकारी उपस्थित रहे।