कानपुर से बेंगलुरु तक सीधी रेल सेवा, त्योहारों पर चलेगी पूजा स्पेशल ट्रेन

कानपुर से बेंगलुरु तक सीधी रेल सेवा, त्योहारों पर चलेगी पूजा स्पेशल ट्रेन

दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पर यात्रियों को राहत, 23 कोच की विशेष ट्रेन लगाएगी 7-7 फेरे

प्रयागराज। आगामी दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पर्व के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर मध्य रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। कानपुर सेंट्रल से सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया टर्मिनल, बेंगलुरु के बीच 7-7 फेरों के लिए पूजा स्पेशल एक्सप्रेस चलाने का निर्णय लिया गया है। इससे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के बीच सीधा रेल संपर्क मजबूत होगा।

ट्रेन संख्या 04131/04132 कानपुर सेंट्रल-बेंगलुरु पूजा स्पेशल में कुल 23 कोच लगाए जाएंगे। इनमें 9 स्लीपर, 2 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी, 1 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी, 9 सामान्य श्रेणी और 2 एसएलआर/डी कोच शामिल हैं। अतिरिक्त ट्रेन के संचालन से यात्रियों को अतिरिक्त सीट और बर्थ उपलब्ध होने के साथ कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।

हर रविवार कानपुर से रवाना होगी ट्रेन

गाड़ी संख्या 04131 कानपुर सेंट्रल-बेंगलुरु पूजा स्पेशल 4 अक्टूबर से 15 नवंबर 2026 तक प्रत्येक रविवार को कानपुर सेंट्रल से शाम 4:30 बजे रवाना होगी और मंगलवार शाम 6:30 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी।

वापसी में गाड़ी संख्या 04132 बेंगलुरु-कानपुर सेंट्रल पूजा स्पेशल 7 अक्टूबर से 18 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार को सुबह 7:10 बजे बेंगलुरु से रवाना होकर शुक्रवार तड़के 3:45 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी।

प्रयागराज समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव

दोनों दिशाओं में ट्रेन का ठहराव फतेहपुर, प्रयागराज, शंकरगढ़, डभौरा, मानिकपुर, सतना, कटनी, मदन महल, इटारसी, नागपुर, बल्लारशाह, सिरपुर कागजनगर, बेल्लमपल्ली, मंचिरयाल, वारंगल, खम्मम, विजयवाड़ा, चीराला, ओंगोल, नेल्लूर, रेणिगुंटा, काटपाडी, जोलारपेट्टै, बंगारपेट और कृष्णराजपुरम सहित प्रमुख स्टेशनों पर होगा।

धार्मिक और पर्यटन स्थलों की यात्रा भी होगी आसान

विशेष ट्रेन के संचालन से यात्रियों को कई प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में भी सुविधा मिलेगी। प्रयागराज से त्रिवेणी संगम, बड़े हनुमान मंदिर और आनंद भवन, जबकि मानिकपुर से चित्रकूट की यात्रा की जा सकेगी।

इसी तरह मदन महल से जबलपुर के भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात पहुंचना आसान होगा। दक्षिण भारत में रेणिगुंटा के रास्ते तिरुपति बालाजी और श्री कालहस्ती मंदिर के दर्शन किए जा सकेंगे। वहीं बेंगलुरु पहुंचने के बाद यात्री मैसूर पैलेस, बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान, ऊटी और नंदी हिल्स जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा कर सकेंगे।

रेलवे के इस कदम से त्योहारों के दौरान उत्तर और दक्षिण भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी और लंबी दूरी की यात्रा में बार-बार ट्रेन बदलने की परेशानी भी कम होगी।