कांकिनारा में सियालदह मंडल का पूर्ण पैमाने पर मॉक ड्रिल, आपदा से निपटने की तैयारियों को परखा

कांकिनारा में सियालदह मंडल का पूर्ण पैमाने पर मॉक ड्रिल, आपदा से निपटने की तैयारियों को परखा

एनडीआरएफ, आरपीएफ, फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमों ने मिलकर चलाया बचाव अभियान, 20 डमी यात्रियों को सुरक्षित निकालने का किया अभ्यास

कोलकाता। रेल हादसे जैसी आपात परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सियालदह मंडल ने शुक्रवार को कांकिनारा में पूर्ण पैमाने का मॉक ड्रिल आयोजित किया। अभ्यास के दौरान रेलवे, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), रेलवे सुरक्षा बल, अग्निशमन विभाग, सिविल डिफेन्स, सेंट जॉन एम्बुलेंस एसोसिएशन और मेडिकल टीमों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया।

मॉक ड्रिल में काल्पनिक ट्रेन दुर्घटना का परिदृश्य तैयार किया गया। अभ्यास के अनुसार सियालदह?लालगोला पैसेंजर ट्रेन कांकिनारा स्टेशन की लाइन संख्या एक पर खड़ी थी। इसी दौरान दूसरी ट्रेन द्वारा सिग्नल की अनदेखी करते हुए आगे बढ़ने से दोनों ट्रेनों के बीच टक्कर की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। हादसे में एक कोच के पटरी से उतरने और दूसरे के पलटने का दृश्य तैयार किया गया, जबकि कई यात्रियों के क्षतिग्रस्त कोचों में फंसे होने का अभ्यास किया गया।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल सक्रिय हो गए। बचावकर्मियों ने आधुनिक उपकरणों की मदद से क्षतिग्रस्त कोचों को काटकर सुरक्षित रास्ता बनाया और 20 डमी यात्रियों को बाहर निकालकर प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने का अभ्यास किया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को आगे के उपचार के लिए संबंधित अस्पतालों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई। अभ्यास में एक व्यक्ति की मृत्यु, पांच गंभीर और सात मामूली रूप से घायल होने की काल्पनिक स्थिति दर्शाई गई।

आधुनिक उपकरणों से किया बचाव का अभ्यास

मॉक ड्रिल के दौरान हाई-कैपेसिटी कटर, सेपरेटर और प्लाज्मा कटिंग उपकरणों सहित अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। इन उपकरणों की सहायता से दुर्घटनाग्रस्त कोच की क्षतिग्रस्त संरचना को काटकर फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।

अभ्यास शाम 5 बजे शुरू हुआ और 6 बजकर 26 मिनट पर आपात स्थिति को नियंत्रण में घोषित किया गया। इसके बाद घटनास्थल के पुनर्स्थापन की प्रक्रिया पूरी कर मॉक ड्रिल को औपचारिक रूप से संपन्न किया गया।

बड़ी संख्या में बचावकर्मियों ने लिया हिस्सा

अभ्यास में करीब 35 एनडीआरएफ कर्मी, मंडलीय आपदा बचाव दल के सदस्य, 23 सिविल डिफेन्स कर्मी और आठ फायर ब्रिगेड कर्मी शामिल हुए। इसके अलावा सात चिकित्सकों, 36 पैरामेडिकल कर्मचारियों, सेंट जॉन एम्बुलेंस एसोसिएशन के 29 सदस्यों, 31 स्काउट्स एवं गाइड्स तथा 75 आरपीएफ कर्मियों ने भी सक्रिय भागीदारी की।

मॉक ड्रिल का आयोजन सियालदह मंडल रेल प्रबंधक राजीव सक्सेना के नेतृत्व में किया गया। वरिष्ठ मंडलीय संरक्षा अधिकारी सुजीत कुमार सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर पूरे अभ्यास की निगरानी की।

मंडल रेल प्रबंधक राजीव सक्सेना ने कहा कि इस तरह के पूर्ण पैमाने के अभ्यास रेलवे की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे कर्मचारियों और संबंधित एजेंसियों को वास्तविक आपात स्थिति में बचाव, यात्रियों की निकासी, चिकित्सा सहायता और घटनास्थल के पुनर्स्थापन का कार्य समयबद्ध एवं बेहतर समन्वय के साथ करने का व्यावहारिक अनुभव मिलता है।

उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के माध्यम से आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था में संभावित कमियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जाता है तथा रेलवे, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाता है। यह अभ्यास वास्तविक दुर्घटना की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।